हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के मुताबिक, इस दौरान तेजस की उड़ान पूरी तरह मानक पर सफल रही है। एचएएल ने सीईएमआईएलएसी की तरफ से ड्राइंग एप्लिेकेबिल्टिी लिस्ट (डीएएल) और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी होने के महज 12 महीने के रिकॉर्ड समय में इस सफलता को हासिल कर लिया है।
यहां एचएएल एयरपोर्ट से दोपहल 12.30 बजे उड़ान भरने वाले तेजस विमान में पायलट की भूमिका में सेवानिवृत्त एयर कमोडोर व चीफ टेस्ट फ्लाइंग (फिक्स्ड विंग) केए मुथाना मौजूद रहे। हवा में ईंधन भरना और बियांड विजुअल रेंज (बीवीआर) मिसाइल सिस्टम सरीखे कई एडवांस फीचर वाले इस तेजस विमान ने करीब 40 मिनट तक हवा में अपना जलवा बिखेरा।
एचएएल के सीएमडी आर. माधवन के मुताबिक, इस उड़ान में एलसीए तेजस कार्यक्रम के विभिन्न हितधारकों एचएएल, वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय, सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थनेस और सर्टिफिकेशन, भारतीय वायुसेना व एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के सराहनीय टीम वर्क का योगदान रहा।
15 अन्य तेजस के निर्माण की राह होगी साफ
एचएएल के सीएमडी माधवन का कहना है कि पहले तेजस की इस सफल उड़ान से 15 अन्य विमानों के निर्माण को एफओसी ब्लॉक से मंजूरी मिलने का रास्ता साफ होगा। इन विमानों को अगले वित्त वर्ष में भारतीय वायुसेना को सौंप दिए जाने की योजना है।