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Census: ओडिशा में अप्रैल से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, एक लाख गणनाकर्ताओं होगें नियुक्त

Thu, 08 Jan 2026 12:25 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

ओडिशा में इस साल के अप्रैल में जनगणना का पहला चरण लागू हो जाएगा। पहले चरण में घरों की सूची बनाना और आवास जनगणना संचालन शामिल है। इसके साथ ही जनगणना मुख्य रूप से ऑनलाइन ही कराई जाएगी, और लगभग 90 प्रतिशत डेटा डिजिटल माध्यम से एकत्र किया।
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ओडिशा में जनगणना का पहला चरण अप्रैल से शुरू (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : freepik
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विस्तार
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ओडिशा में जनगणना का पहला चरण अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। इसमें लगभग एक लाख गणनाकर्ताओं को नियुक्त किया जाएगा। वहीं, अंतिम जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में शुरू होगी। यह जानकारी एक आधिकारी ने दी। 

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पहला चरण में घरों की सूची आवास जनगणना संचालन शामिल
ओडिशा में जनगणना संचालन के निदेशक निखिल पवन कल्याण ने बुधवार को विकास आयुक्त डीके सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक में भाग लेने के बाद कहा "पहला चरण, जिसमें घरों की सूची बनाना और आवास जनगणना संचालन शामिल है। अप्रैल और मई 2026 के बीच एक महीने की अवधि में होने वाला है।" आगे उन्होंने कहा "इस मूलभूत कदम के बाद प्राथमिक जनसंख्या गणना का चरण शुरू होगा, जो 9 फरवरी से 28 फरवरी, 2027 तक अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाएगा। मार्च 2027 की शुरुआत में एक संक्षिप्त पुनरीक्षण दौर के साथ प्रक्रिया समाप्त होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस महत्वपूर्ण गणना से कोई भी निवासी छूट न जाए। 

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एक लाख जनगणनाकर्मी और 15,000 पर्यवेक्षक शामिल

कल्याण ने बताया कि इस अभियान के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जिसमें कम से कम एक लाख जनगणनाकर्मी और 15,000 पर्यवेक्षक शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि एक जनगणनाकर्मी लगभग 200 घरों को कवर करेगा, जिनमें लगभग 800 लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी, फरवरी और मार्च में होने वाली जनगणना में शामिल होने वाले गणनाकर्ताओं और अन्य लोगों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा, और प्रत्येक गणनाकर्ता को उनकी सेवाओं के लिए 25,000 रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा।

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90 प्रतिशत डेटा डिजिटल माध्यम से एकत्र किया

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भुवनेश्वर और कटक में प्रारंभिक सर्वेक्षण पहले ही पूरे हो चुके हैं। नव घोषित राष्ट्रीय परिषदों (एनएसी) और नगरपालिकाओं की सीमाएं भी अंतिम रूप दे दी गई हैं, इसलिए जनगणना गतिविधियों के सुचारू संचालन में कोई बाधा नहीं है। कल्याण ने बताया कि जनगणना मुख्य रूप से ऑनलाइन ही कराई जाएगी, और लगभग 90 प्रतिशत डेटा डिजिटल माध्यम से एकत्र किया जाएगा। इच्छुक लोग आधिकारिक वेबसाइट पर ओटीपी आधारित मोबाइल सत्यापन प्रणाली का उपयोग करके पंजीकरण कराकर स्वयं भी अपनी जानकारी दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक बार किया जा सकता है, और डेटा सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐप से स्क्रीनशॉट जैसी सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी।

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