महाराष्ट्र में जीका वायरस का पहला मामला सामने आया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने प्रेस को दिए एक बयान में कहा कि पुरंदर तहसील के बेलसर गांव में जीका वायरस से संक्रमित मरीज का पता चला है।
पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) में 30 जुलाई को रक्त परीक्षण रिपोर्ट में एक 50 वर्षीय महिला को जीका वायरस संक्रमण का पता चला। यह महाराष्ट्र में पाया जाने वाला पहला मरीज है। संक्रमित मरीज को चिकनगुनिया भी था। हालांकि संबंधित मरीज पूरी तरह से ठीक हो गया है और फिलहाल उसे और उसके परिवार में किसी को भी कोई लक्षण नहीं है।
बेलसर गांव की आबादी 3,500 है और जुलाई की शुरुआत से ही बुखार के मरीज मिले थे। प्रेस को दिए बयान में कहा गया है कि पांच मरीजों के नमूने 16 जुलाई को एनआईवी पुणे भेजे गए थे। इनमें से तीन नमूनों में चिकनगुनिया पाया गया था। एनआईवी की टीम ने 27 से 29 जुलाई के बीच बेलसर और परिन्चे गांव का दौरा किया और 41 संदिग्ध मरीजों के रक्त के नमूने लिए थे। इनमें से 25 में चिकनगुनिया, तीन में डेंगू और एक जीका वायरस पाया गया।
राज्य स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेलसर गांव का दौरा किया है। स्वास्थ्य विभाग गांव में घर-घर जाकर सर्वे करेगा। वहीं केरल की बात करें तो यहां भी दो और मामले सामने आए हैं जिससे राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या 63 हो गई है। वहीं इनमें से 60 लोग ठीक भी हो गए लेकिन तीन सक्रिय मरीज का इलाज चल रहा है।
बता दें कि केरल में कोरोना के साथ-साथ जीका वायरस से भी संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने गुरुवार को बताया था कि राज्य में जीका वायरस के पांच और मामले सामने आए हैं, जिससे राज्य में कुल मामलों की संख्या 61 हो गई है। जिनमें से सात सक्रिय मामले हैं।
जॉर्ज ने कहा कि हम इन दिनों अधिकतम परीक्षण कर रहे हैं। बुधवार को हमने 1.96 लाख से अधिक परीक्षण किए, गुरुवार को हमने 1.63 लाख से अधिक परीक्षण किए। इसलिए, हम और परीक्षण करने की कोशिश कर रहे हैं। जॉर्ज ने कहा कि हम सभी सकारात्मक मामलों का पता लगाना चाहते हैं, क्योंकि हम इन्हें घटाना चाहते हैं और यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर नहीं आ पाए। हम स्थिति को नियंत्रण में लाना चाहते हैं, इसलिए हम अधिक से अधिक परीक्षण कर रहे हैं, इसलिए इन दिनों सकारात्मक मामले अधिक आ रहे हैं।