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एफटीए में आयात शुल्क रियायत के नियम सख्त, छूट के लिए देना होगा उत्पाद का निर्माण प्रमाण पत्र

Sat, 19 Sep 2020 06:47 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Twitter
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वित्त मंत्रालय ने मुक्त व्यापार अनुबंध (एफटीए) के तहत आयात शुल्क में छूट पाने के नियम और सख्त कर दिए हैं। मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि २१ सितंबर से आयातकों को छूट का लाभ पाने के लिए आयातित उत्पाद का निर्माण प्रमाण उपलब्ध कराना होगा।

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दरअसल, एफटीए के तहत १० एशियाई देशों से आयात पर शुल्क में रियायत दी जाती है। मंत्रालय को ऐसी सूचना मिली थी कि कई आयातक गलत जानकारियों के जरिये छूट का बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं।

वित्त मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि सोमवार से एफटीए के तहत आयातकों को स्थानीय सीमा शुल्क प्राधिकरण के पास ज्यादा जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी। किसी भी उत्पाद पर आयात शुल्क तभी मिलेगी, जब उसका कम से कम ३५ फीसदी निर्माण एफटीए में शामिल देश में हुआ हो।
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उदाहरण के तौर पर, अगर कोई मोबाइल इंडोनेशिया से आयात किया जा रहा है, तो आयातक को इस बात का प्रमाण पत्र पेश करना होगा कि उसका ३५ फीसदी निर्माण इंडोनेशिया में ही हुआ है। एफटीए के तहत पांच साल में १,२०० करोड़ के गलत दावे किए गए हैं। 

...तो देना होगा पूरा शुल्क
मंत्रालय ने कहा कि अगर किसी उत्पाद के आयात पर गलत तरीके से एफटीए शुल्क का लाभ लिया गया तो जांच के बाद संबंधित उत्पाद पर सुविधा खत्म कर दी जाएगी और आयात को पूरे शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा।

इस कदम से एफटीए में शुल्क रियायत की निगरानी बढ़ जाएगी। आयातक सबसे ज्यादा छूट इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, रेफ्रिजरेटर, एसी, कैमरा, मोबाइल और दूरसंचार उपकरणों पर लेते हैं। अभी आयातक सिर्फ निर्यात करने वाले देश की एजेंसी द्वारा जारी ओरिजिन सर्टिफिकेट पेश कर छूट पा लेते हैं।
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एफटीए के तहत भारत में सबसे ज्यादा आयात इंडोनेशिया, मलयेशिया, थाइलैंड, सिंगापुर और वियतनाम से किया जाता है।

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