देश में चुनाव चाहे लोकसभा का हो या विधानसभा का, राजनीतिक दल उसे जीतने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। भविष्यवाणी करने वालों की मदद लेते हैं तो दूसरी ओर तंत्र-मंत्र का सहारा लेने में भी 'नेताजी' पीछे नहीं रहते। राजनीतिक लोग, वोट के लिए 'जादुई' विद्या तक सीखने के लिए उत्सुक रहते हैं। इस विद्या के तंत्र, मंत्र और यंत्र की मदद से वे चाहते हैं कि मतदान के वक्त वोटरों को केवल एक ही चुनाव चिन्ह दिखाई दे। प्रसिद्ध जादूगर सम्राट शंकर कहते हैं, अनेक राजनीतिक लोग उनके संपर्क में रहे हैं। वे चाहते हैं कि जादू के मार्फत कुछ ऐसा हो जाए कि मतदाता भ्रम का शिकार होकर किसी एक दल या नेता के पक्ष में वोट डाल दें। पेशेवर जादूगर इस तरह से किसी को कुछ नहीं सिखाते। उनका प्रयास यही रहता है कि जादू विद्या का गलत इस्तेमाल न हो। जादूगर का काम समाज में अंधविश्वास और भ्रम को दूर करना है। लोगों को सकारात्मकता से जोड़े रखना है।
जादूगर सम्राट शंकर ने इन दिनों कोरोना संक्रमण को लेकर समाज में जो भ्रांतियां फैली हुई हैं, उन्हें दूर करने का अभियान शुरू कर रखा है। उन्होंने राजस्थान में कई जगहों पर शो आयोजित किए हैं। इनमें लोगों को जादू की मदद से मास्क, सैनिटाइजर और वैक्सीन के बारे में बताया जाता है। जादूगर शंकर लोगों के सामने मास्क और सैनिटाइजर तैयार करते हैं। दिल्ली, हरियाणा और दूसरे राज्यों में छोटे-छोटे समूहों के साथ सम्राट शंकर, इस जागरुकता अभियान को आगे बढ़ाएंगे। जादूगर शंकर कहते हैं, हमारा मकसद केवल इतना है कि लोगों के बीच से नकारात्मकता को दूर भगाया जाए। लोगों को बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण और उसके नए-नए वैरिएंट्स से बचने का एकमात्र इलाज वैक्सीन व सावधानी है। मास्क लगाना बहुत जरूरी है।
मौजूदा दौर में जादू की कला लुप्त हो रही है। इतने बड़े देश में 130 करोड़ लोगों के बीच दर्जनभर बड़े जादूगर नहीं हैं। जादू का सकारात्मक प्रयोग कर समाज की भलाई के काम हो सकते हैं। जादूगर शंकर के मुताबिक नेताओं के अलावा आईपीएस भी उनसे मिले हैं। वे कहते हैं, कुछ ऐसा तंत्र-मंत्र कर दें कि खूंखार अपराधी फटाफट सारे राज उगल दे। उन्हें भी मना कर दिया जाता है। समाज में कुछ कथित बाबा लोग जादू की दो-चार कला सीखकर उसका गलत इस्तेमाल करते हैं। पेशेवर जादूगर कभी भी इस कला का दुरुपयोग नहीं करता। कुछ मामलों में जादू की मदद से किसी बीमार व्यक्ति को सम्मोहन विद्या द्वारा आत्महत्या की तरफ बढ़ने से रोका जा सकता है। जब कुछ समय के लिए ऐसे किसी व्यक्ति का ध्यान दूसरी तरफ कर देते हैं तो वह आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाने से पीछे हट जाता है।
जादूगर शंकर बताते हैं कि कैसिनो वाले भी उनसे मिले थे। वे कहते हैं कि आप हमारे साथ आ जाएं। 50 फीसदी का सौदा यानी पार्टनरशिप रहेगी। जो असल जादूगर होता है, वह इन बातों से कोसों दूर रहता है। देश में आज ये पेशा खत्म होने की कगार पर है। एक अच्छा जादूगर बनने में चार-पांच साल लग जाते हैं। खुद मुझे पांच साल लगे थे। देश में कई छोटे जादूगरों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। अगर वे चाहते तो जादूई विद्या की मदद से कोई गलत काम कर सकते थे, लेकिन नहीं किया। इस विद्या से लोगों का मनोरंजन किया जाए, यहां तक ठीक है। समाज में फैली भ्रांतियां दूर हो जाएं, वह भी ठीक है। अभी हमारा प्रयास है कि देश में कोरोना को लेकर लोगों में जो भी भ्रम है उसे दूर किया जाए। सभी लोग कोरोना गाइडलाइंस का पालन करें।