चुनाव आयोग ने सोमवार को कहा कि वह मतदाता सूची और फोटो आई कार्ड डाटा के अन्य सरकारी विभागों के साथ साझा करने संबंधी अपने 2008 के दिशानिर्देशों से ‘किसी भी तरह’ भटकी नहीं है। आयोग ने कहा कि वह यह स्पष्टीकरण उन घटनाओं की रिपोर्ट के मद्देनजर दे रहा है जोकि वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
हालांकि आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों पर कोई सफाई नहीं दी जिसमें आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने इस साल की शुरुआत में दिल्ली में हुए दंगों की जांच के लिए दिल्ली पुलिस के साथ चुनावी मतदाता डाटा साझा कर अपने ही नियमों का उल्लंघन किया है।
आयोग ने दिसंबर 2008 में विभिन्न सरकारी विभागों के साथ मतदाता सूची और चुनावी फोटो पहचान पत्र साझा करने संबंधी दिशानिर्देश जारी किए थे। साथ ही इस साल 16 जुलाई को मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा था कि प्रदेश के चुनाव आयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए मतदाता सूची डाटाबेस को किसी अन्य संगठन या एजेंसी के साथ साझा नहीं करेंगे।