सीआरपीएफ की वर्दी पहने आतंकी क्यूएटी में शामिल हो गया था
ऑपरेशन के दौरान टीयर गैस और हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल हुआ। इसके अलावा आतंकियों के पास दूसरे बड़े हथियार भी थे। क्यूएटी ने जब एक के बाद एक टीयर गैस के दर्जनों गोले अंदर फेंके तो आतंकियों को सामने आना पड़ा। खास बात यह रही कि आतंकियों ने सीआरपीएफ की वर्दी पहन रखी थी।
जब धुआं खत्म हुआ तो मालूम चला कि एक आतंकी हमारी टीम के साथ बैठा हुआ था। हमारे जवानों को उसकी ड्रेस और पाउच पर कुछ शक हुआ। इससे पहले कि उसे पकड़ पाते, दूसरी ओर से आरएल फायर हो गया। चारों तरफ धुआं फैल गया। आतंकियों ने फायरिंग भी शुरू कर दी थी।
इसका फायदा उठाकर वह अपने साथियों से जा मिला। बाद में तीनों आतंकवादी मारे गए। उस मुठभेड़ में बीएसएफ का एक हवलदार घायल हो गया था। सीआरपीएफ क्यूएटी ने ही उसे सुरक्षित बाहर निकाला था। 15 अगस्त 2018 को नरेश कुमार को बहादुरी के दो पदक प्रदान किए गए।
जनवरी 2019 और अगस्त 2019 में भी एक एक पदक मिला। नरेश कुमार को अर्बन टेरेरिज्म से निपटने में खासी महारत हासिल है।