अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरएस ढांडा की अदालत ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसले में बलात्कार की शिकार नौ सप्ताह की नाबालिग गर्भवती को गर्भपात कराने की इजाजत दे दी है।
अदालत ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वह किशोरी को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले जाकर उसका गर्भपात करवाए। इसी साल 23 मई को यहां एक कॉलोनी में मौसी के घर आई 17 वर्षीय लड़की अचानक गायब हो गई। बाद में पता चला था कि भूना निवासी कुलवंत किशोरी को बहला-फुसलाकर ले गया है।
किशोरी के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 15 जून को धारा 363, 366 के तहत मुकदमा दर्ज किया। बाद में किशोरी को बरामद कर लिया गया।
मेडिकल जांच में बलात्कार की पुष्टि होने पर कुलवंत के विरुद्ध धारा 376 व पोक्सो एक्ट में भी मामला दर्ज कर लिया गया। एक माह बाद किशोरी के गर्भवती होने का पता चला।
पीड़िता की ओर से 26 जुलाई को गर्भपात के लिए अदालत में दरखास्त लगाई गई। अदालत में खुद पीड़िता ने भी कहा कि उसके परिजन भी गर्भपात के पक्ष में है, इसलिए उसे गर्भपात कराने की इजाजत दी जाए।
इस बीच अदालत ने अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से गर्भवती नाबालिग का मेडिकल कराने के आदेश दिए। वहां से आई रिपोर्ट में किशोरी के नाबालिग होने की पुष्टि हुई।
इन सबका अवलोकन करने के बाद अदालत ने शहर पुलिस को निर्देश दिए हैं कि नाबालिग किशोरी का अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में गर्भपात करवाया जाए। सोमवार शाम शहर पुलिस किशोरी को गर्भपात करवाने के लिए लेकर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रवाना हो गई।