मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा
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केंद्र ने मिजोरम सरकार को बड़ी राहत दी है। मिजोरम के मुख्यमंत्री ने कहा कि आइजोल में असम राइफल्स द्वारा खाली किए गए भवनों और अन्य ढांचे के लिए मिजोरम सरकार को जो 5.23 करोड़ रुपये चुकाने थे, उसे केंद्र ने माफ कर दिया है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को पत्र लिख किया था आग्रह
लालदुहोमा ने कहा कि उन्होंने पिछले साल मई में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को पत्र लिखकर उनसे इस राशि को माफ करने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री ने सोमवार देर रात फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, "मेरे पत्र के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने मुझे एक पत्र भेजा है जिसमें बताया गया है कि मिजोरम सरकार को मूल्यह्रास की लागत का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। यह खुशी की बात है कि हमारा अनुरोध स्वीकार कर लिया गया है।"उन्होंने कहा कि मिजोरम सरकार और असम राइफल्स के बीच आइजोल से अपने ठिकानों को स्थानांतरित करने के लिए हस्ताक्षरित समझौता हुआ था। इस ज्ञापन के अनुसार, पूर्व सरकार को अर्धसैनिक बल द्वारा खाली की गई इमारतों और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए मूल्यह्रास लागत के रूप में 5.23 करोड़ रुपये का भुगतान करना था।
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अप्रैल 2025 में स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हुई
पिछले साल मार्च में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आइजोल में एक समारोह में भाग लिया था, जिसमें असम राइफल्स के ठिकानों को राज्य की राजधानी से लगभग 15 किलोमीटर पूर्व में स्थित जोखावसांग में एक निर्दिष्ट शिविर में स्थानांतरित करने की घोषणा की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरण की प्रक्रिया अप्रैल 2025 में शुरू हुई।
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उन्होंने बताया कि आइजोल की कठिन भौगोलिक स्थिति और भीड़भाड़ के कारण स्थानांतरण की मांग उठी। असम राइफल्स के बेस आइजोल के जोडिन स्क्वायर (लैमुअल) और खटला में हैं। इसमें तुइखुआहत्लांग क्षेत्र में एक डीआइजी आवास, एक कमांडेंट बंगला और जोडिन के पास तुइकुल में एक चर्च के अलावा भूमि के भूखंड और एक युद्ध स्मारक भी है। अधिकारियों ने बताया कि अर्धसैनिक बल ने खाटला में स्थित अपने 23 सेक्टर मुख्यालय, मिजोरम रेंज और डीआईजी के आवास को अपने पास बरकरार रखा है।