निशंक ने विदेशों में संस्कृत पढ़ाने और हमारे ग्रंथों से ज्ञान प्राप्त करने का जिक्र करते हुए कहा, दूसरे हमारी भाषा से दुनियाभर का ज्ञान लें और हम इसे नजरंदाज करते रहें यह गलत है। सरकार के इस कदम से हमारे ग्रंथों में दर्ज ज्ञान को समझना और ग्रहण करना आसान होगा।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्कृत विभाग में मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति पर हुए विवाद को विराम देते हुए निशंक ने कहा कि फिरोज खान संस्कृत विभा में हैं और बीएचयू में संस्कृत पढ़ाते रहेंगे।
बिल पर चर्चा के दौरान बसपा के दानिश अली ने बीएचयू में प्रोफेसर खान की नियुक्ति का मुद्दा उठाया था। इनकी नियुक्ति को लेकर विभाग में काफी समय से प्रदर्शन चल रहा है। हालांकि विवाद के बीच खान गत मंगलवार को कला संकाय से जुड़ गए थे।