पंजाब ने राजस्थान को दस विकेट से करारी शिकस्त देकर अपने अभियान का शानदार आगाज किया। पंजाब को जीत के लिए 68 रन का लक्ष्य मिला जो उसने 11.4 ओवर में बिना विकेट खोए हासिल कर लिया। शुभमान गिल 36 और सनवीर सिंह 26 रन बनाकर नाबाद रहे। इससे पहले राजस्थान ने अपनी दूसरी पारी आठ विकेट पर 157 रन से आगे बढ़ाई और सिर्फ 11 रन जोड़कर 168 रन पर सिमट गया। पंजाब की ओर से सनवीर ने तीन जबकि बलतेज सिंह, मयंक मारकंडे और गुरकीरत सिंह ने दो-दो विकेट लिए। राजस्थान की पहली पारी के 257 रन के जवाब में पंजाब ने 358 रन बनाकर 101 रन की बढ़त ली थी। पंजाब को बड़ी जीत से बोनस सहित सात अंक मिले।
उत्तर प्रदेश और रेलवे का मैच ड्रॉ रहा। पहली पारी में बढ़त के आधार पर रेलवे को तीन अंक मिले उत्तर प्रदेश को एक अंक से ही संतोष करना पड़ा। खराब मौसम के चलते अंतिम दिन सिर्फ 15 ओवर का ही खेल हो सका। उत्तर प्रदेश को जीत के लिए 349 रन का लक्ष्य मिला था। उसने 23 रन पर बिना किसी नुकसान से अपनी दूसरी पारी आगे बढ़ाई और दो विकेट पर 62 रन बनाए। अलमस शौकत ने 33, आर्यन जुयाल ने 13, माधव कौशिक ने नाबाद 11 और अक्शदीप नाथ ने पांच रन बनाए। रेलवे ने पहली पारी में 253 और दूसरी पारी में 270 रन बनाए थे। यूपी की पहली पारी 175 रन पर सिमट गई थी।
कुणाल चंदेला (125) और नीतीश राणा (114) के शतकों की मदद से दिल्ली ने केरल की उम्मीदों पर पानी फेरकर मैच ड्रॉ करवा लिया। पहली पारी में सिर्फ 142 रन पर आउट होने के कारण दिल्ली को फालोऑन करना पड़ा। उसने खेल के चौथे व अंतिम दिन अपनी दूसरी पारी एक विकेट पर 142 रन से आगे बढ़ाई।
चंदेला और राणा ने तीसरे विकेट के लिए 118 रन की साझेदारी कर केरल को जीत से दूर कर दिया। चंदेला ने अपनी पारी में 219 गेंदों का सामना कर 11 चौके और एक छक्का जड़ा तो राणा ने 164 गेंदों की पारी में 11 चौके और चार छक्के लगाए। जोंटी सिद्धू 30 और ललित यादव 13 रन बनाकर नाबाद रहे। दिल्ली के कप्तान ध्रुव शौरी (20) जल्दी आउट हो गए। केरल ने पहली पारी नौ विकेट पर 525 रन बनाकर घोषित की थी। पहली पारी में बढ़त के उसे तीन अंक मिले जबकि दिल्ली के खाते में एक अंक आया।
पृथ्वी शॉ के वापसी पर जड़े गए धमाकेदार दोहरे शतक के बाद स्पिनरों के शानदार प्रदर्शन से 41 बार के चैंपियन मुंबई ने बड़ौदा को 309 रन से धो दिया। बड़ौदा की टीम 534 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए 224 रन पर ही आउट हो गई। उसने मैच के अंतिम दिन अपनी पारी तीन विकेट पर 74 रन से आगे बढ़ाई थी। दीपक हुड्डा (61) और अभिमन्यु सिंह राजपूत (53) ही टिककर खेल पाए।
मुंबई के लिए शम्स मुलानी ने चार जबकि शशांक अत्रादे और आकाश पारकर ने दो-दो विकेट झटके। यह मैच डोपिंग का प्रतिबंध झेलने के बाद वापसी करने वाले शॉ की ताबड़तोड़ पारी के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने दूसरी पारी में 202 रन बनाए जबकि कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नाबाद 102 रन की पारी खेली। इससे मुंबई ने दूसरी पारी चार विकेट पर 409 रन बनाकर घोषित की थी। मुंबई के पहली पारी के 431 रन के जवाब में बड़ौदा ने 307 रन बनाए थे।
तेज गेंदबाज हर्षल पटेल (5/22) और आशीष हुड्डा (4/31) की घातक गेंदबाजी से हरियाणा ने रणजी ट्रॉफी में महाराष्ट्र की दूसरी पारी 29 ओवर में मात्र 86 रन पर समेटकर पारी और 68 रन से धमाकेदार जीत दर्ज की। हरियाणा के पहली पारी के 401 रन के जवाब में महाराष्ट्र की टीम 247 रन पर आउट हो गई थी। इसके बाद उसे फालोऑन खेलना पड़ा। मेहमान टीम ने अपनी दूसरी पारी पांच विकेट पर 61 रन से आगे बढ़ाई और 25 रन के भीतर शेष पांच विकेट भी गंवा दिए। नौशाद शेख ने सर्वाधिक 27 रन की पारी खेली। हरियाणा को इस जीत से बोनस सहित सात अंक मिले। हर्षल ने मैच में कुल नौ और आशीष ने सात विकेट चटकाए।