भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने कोविड 19 के बाद की परिस्थितियों को लेकर चीनी अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। एलिस ने एक कार्यक्रम में कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग, चीनी प्रशासन/सरकार का कोविड-19 के बाद का बर्ताव हम सभी को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि उनका आर्थिक संकेतक केवल यही नहीं, बल्कि उसका एक भू-राजनीतिक पक्ष है, जिसे हम अनदेखा नहीं कर सकते।
नई शिक्षा नीति पर अधिकारियों से चर्चा करेगा ब्रिटिश विवि का दल
ब्रिटेन के 22 विश्वविद्यालयों का एक प्रतिनिधिमंडल पांच दिवसीय दौरे पर भारत आ रहा है। ब्रिटिश सरकार के शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक छह से 10 जून तक अपनी यात्रा के दौरान यह दल भारतीय अधिकारियों के साथ नई शिक्षा नीति से संबंधित सहयोग की संभावनाएं तलाशेगा।
ब्रिटेन के उच्च शिक्षा से जुड़े अधिकारियों का यह सबसे बड़ा शिष्टमंडल होगा। सांस्कृतिक संबंधों और शैक्षणिक अवसरों के लिए ब्रिटेन का अंतरराष्ट्रीय संगठन ब्रिटिश काउंसिल इस दल की मेजबानी करेगी।
भारत-ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार वार्ता का चौथा दौर अगले सप्ताह होगा: ब्रिटिश दूत
ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने सोमवार को कहा कि भारत-ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार वार्ता का अगला दौर अगले सप्ताह होगा। एलिस ने कहा, "ब्रिटेन अब यूरोपीय संघ में नहीं है और यह वास्तव में ब्रिटेन और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने का अच्छा अवसर है। मैं विशेष रूप से व्यापार के बारे में सोचता हूं जहां हम एक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। हमारे पास अगले सप्ताह का अगला दौर होगा और दोनों प्रधानमंत्रियों ने वार्ताकारों से कहा है कि यह दिवाली तक हो जाएगा।"
ब्रिटिश उच्चायुक्त ने यह भी उल्लेख किया कि भारत का अंतरराष्ट्रीयकरण दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण दीर्घकालिक घटनाओं में से एक है और यह अपरिवर्तनीय है। बता दें कि भारत और ब्रिटेन ने इस साल जनवरी में मुक्त व्यापार समझौता वार्ता शुरू किया था। दोनों देश दोनों पक्षों के व्यवसायों को लाभ पहुंचाने के लिए त्वरित लाभ प्रदान करने के लिए एक अंतरिम समझौते की संभावना तलाश रहे हैं।