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देश की पहली मेक इन इंडिया 'ट्रेन 18' का ट्रायल शुरू, जानिए क्या हैं इसकी विशेषताएं

Sat, 06 Oct 2018 01:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
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देश में ही निर्मित पहली इंजन रहित 'ट्रेन 18' का परीक्षण भारतीय रेलवे ने शुरू कर दिया है। इस सेमी हाईस्पीड इंजन रहित ट्रेन का ट्रायल चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में शुरू किया गया है। मेट्रो जैसी यह ट्रेन भारतीय रेलवे के लिए तकनीकी रूप से मील का पत्थर है। यह ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस की जगह लेगी। 160 किमी प्रतिघंटा की गति से दौड़ने वाली यह ट्रेन अगले साल जनवरी में दिल्ली-भोपाल रेल मार्ग पर दौड़ने वाली देश की सबसे तेज गति की शताब्दी एक्सप्रेस की जगह ले सकती है। 
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आईसीएफ के अक अधिकारी ने बताया कि अभी चार कोच को एक साथ जोड़कर स्व संचालन व्यवस्था का परीक्षण किया जा रहा है। चार कोच मिलकर एक इकाई बनाते हैं। इस इकाई के परीक्षणों के परिणामों के आधार पर अगले कुछ दिनों में हर चार कोच की अन्य इकाइयों में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। जब हम ट्रेन का प्रदर्शन संतोषजनक होगा तब ट्रेन सेट को पूरी तरह से जोड़ दिया जाएगा। 
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ये होंगी विशेषताएं

ट्रेन 18 लांच से पहले ही चर्चा में आ गई है। यह भारतीय रेलवे की पहली विश्वस्तरीय ट्रेन होगी। आईसीएफ के मुताबिक इसे बनाने में जो लागत आई है वह ट्रेन आयात करने में आने वाली कीमत से आधी है। 16 कोच वाली यह ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित होगी। 

लोकोमोटिव इंजन द्वारा चलने वाली परंपरागत भारतीय ट्रेनों से अलग यह ट्रेन स्व संचालन तकनीक से चलेगी। मेट्रो की तरह ही इस ट्रेन के दोनों छोरों पर ड्राइविंग केबिन होंगे। यह तकनीक ट्रेन को मोड़ने और वापस लौटाने में लगने वाले समय की भी बचत करेगी। ट्रेन में प्रयोग होने वाली स्व संचालन व्यवस्था गति को तुरंत तेज व कम करने में भी सहायक होगी, जिससे सफर में लगने वाले समय में भी कमी आएगी। अत्याधुनिक बोगियों में यात्रियों को सफर के दौरान झटके भी महसूस नहीं होंगे। 
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