शुक्रवार देर शाम आतंकी जाकिर मूसा के पैतृक गांव दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके के नोरपोरा गांव में घेरेबंदी और तलाशी अभियान (कासो) शुरू होते ही हिंसा भड़क उठी। लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद स्थिति को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। काफी देर तक यहां टकराव की स्थिति बनी रही।
पत्थरबाजी और लोगों के प्रदर्शन के कुछ देर बाद जिस घर में जाकिर मूसा और उसके साथियों के छिपे होने की खबर थी वहां से गोलीबारी बंद हो गई। जिसके बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के चार गांवों में घेराबंदी कर तलाशी शुरू कर दी।
गौरतलब है कि, खबरें थी कि शुक्रवार शाम सुरक्षा बलों ने मूसा को उसके तीन साथियों के साथ घेर लिया है। लेकिन कश्मीर के आईजी मुनीर खान ने इस बात का खंडन करते हुए कहा था कि यह एक रूटीन घेरेबंदी थी। जाकिर मूसा के इलाके में मौजूद होने की पुष्टि नहीं हुई। कासो के दौरान घर-घर तलाशी अभियान भी चलाया गया।
उधर, 15 अगस्त को ध्यान में रखते हुए श्रीनगर के महजूर नगर तथा एलडी अस्पताल परिसर में सर्च आपरेशन चलाया गया। यह बख्शी स्टेडियम के पास का इलाका है जहां मुख्य आयोजन होना है। सुरक्षा बलों के अस्पताल परिसर में पहुंचने से अफरातफरी मच गई।