केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि भारतीय सेना द्वारा पीओके में आतंकी लांच पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों में कमी आई है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने लोकसभा में कहा कि 29 सितंबर की सर्जिकल स्ट्राइक से तीन महीने पहले राज्य में 110 आतंकी हमले हुए। इनमें 34 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए तथा सात नागरिकों की जान गई।
वहीं, सर्जिकल स्ट्राइक के तीन महीने बाद 87 आतंकी घटनाएं हुईं। इनमें 19 सुरक्षाकर्मियों को शहादत देने पड़ी और छह नागरिक मारे गए। उधर, राज्यसभा में अहीर ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में भी कमी आई है। नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के इस ओर जानमाल का नुकसान कम हुआ है। राज्यसभा में बताया कि वर्ष 2016 में एलओसी पर संघर्षविराम उल्लंघन की 228 और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 221 घटनाएं हुई। इस वर्ष फरवरी तक एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन की 22 और सीमा पर 6 घटनाएं हुई हैं।
इस बीच, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दो टूक कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता की बहाली की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है। इसके लिए उसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद को खत्म करना होगा। उन्होंने राज्यसभा में यह भी कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करने के लिए सभी हितधारकों से बात करने के लिए तैयार है।