फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MEA: भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध की आशंका पर जयशंकर की अहम टिप्पणी, कहा- PAK में आतंकवाद खुला व्यापार

Mon, 26 May 2025 08:23 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Jaishankar On Pakistan: जर्मनी में एक अखबार के साथ इंटरव्यू में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध की आशंकाओं को लेकर किए गए सवाल पर अहम टिप्पणी की है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद एक खुला व्यापार है।
विज्ञापन
डॉ. एस जयशंकर, विदेश मंत्री - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि वहां आतंकवाद एक खुला व्यापार बन चुका है, जिसे वहां की सरकार और सेना का समर्थन मिलता है। उन्होंने ये बातें जर्मनी के एक अखबार को दिए एक इंटरव्यू में कही है। जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान के शहरों और कस्बों में आतंकवादी संगठन खुलेआम काम कर रहे हैं और यह बात किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र की आतंकी सूची में दर्जनों पाकिस्तानी नाम और स्थान हैं, और इन्हीं जगहों को भारत ने अपने जवाबी हमलों में निशाना बनाया।'
विज्ञापन


परमाणु युद्ध की आशंका को किया खारिज
इस दौरान जब जयशंकर से पूछा गया कि भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के दौरान दुनिया एक परमाणु युद्ध से कितनी दूर थी, तो उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा, 'बहुत, बहुत दूर। मुझे तो आपके इस सवाल पर ही हैरानी है।' उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच कोई भी हालिया झड़प कभी भी परमाणु स्तर तक नहीं पहुंची। उन्होंने कहा, 'हमारे क्षेत्र में जो भी होता है, उसे तुरंत परमाणु खतरे से जोड़ना एक गलत सोच है। इससे आतंकवाद जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है'।

यह भी पढ़ें - ऑपरेशन सिंदूर की नई तस्वीरें: मिशन के दौरान कंट्रोल रूम में मौजूद थे तीनों सेनाध्यक्ष, सेना ने जारी की बुकलेट
विज्ञापन


'पाकिस्तान को हमने स्पष्ट संदेश दिया'
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया और 7 मई को पाकिस्तान में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इसके बाद 8, 9 और 10 मई को पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारत ने सख्त जवाब दिया। इसे लेकर जयशंकर ने कहा, 'हमने आतंकवादियों को साफ संदेश दिया कि ऐसे हमलों की कीमत चुकानी पड़ेगी।' उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान की ओर से फायरिंग शुरू हुई थी, जिसके जवाब में भारत ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। इसके बाद जब पाकिस्तान को लगा कि उनका नुकसान हो रहा है, तो फायरिंग रुक गई।

भारत ने पाकिस्तान के मुख्य हवाई अड्डों को किया निष्क्रिय
जयशंकर ने दावा किया कि भारत ने पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेस और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाकर उन्हें अपंग कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान को ही युद्धविराम के लिए पहल करनी पड़ी। उन्होंने कहा, 'इस संघर्ष को रोकने के लिए मैं भारतीय सेना का धन्यवाद करता हूं, क्योंकि उनकी कार्रवाई के बाद ही पाकिस्तान पीछे हटा'।

अमेरिका और चीन की भूमिका पर क्या बोले?
जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ने भारत-पाकिस्तान के बीच समझौता कराने में कोई भूमिका निभाई, तो जयशंकर ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के सीधे संपर्क से हुआ। चीन की भूमिका को लेकर उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन इतना कहा कि पाकिस्तान की सेना में कई हथियार चीन से आए हैं और दोनों देश एक-दूसरे के बहुत करीब हैं। उन्होंने कहा, 'आप खुद ही इसका मतलब समझ सकते हैं।'
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Operation Sindoor: 'ऑपरेशन सिंदूर के बाद ही दी गई पाकिस्तान को जानकारी', राहुल के आरोपों पर जयशंकर का जवाब

रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत और जर्मनी की राय अलग
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत और जर्मनी की राय में मतभेद पर जयशंकर ने कहा, टयूरोप के लिए जो मुद्दे अहम हैं, जरूरी नहीं कि वे एशिया के लिए भी उतने ही जरूरी हों। जब आप संघर्ष की बात करते हैं तो आपके दिमाग में यूक्रेन आता है, जबकि मेरे दिमाग में पाकिस्तान, आतंकवाद, चीन और हमारी सीमाएं आती हैं।'

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें