कोलकाता के सत्र न्यायलय ने आतंकी वित्तपोषण (टेरर फंडिंग) से संबंधित धन शोधन मामले में दो अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। इनमें से एक दोषी बांग्लादेशी नागरिक है जबकि दूसरा भारतीय है।
कोर्ट ने दोनों आरोपियों को धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (पीएमएलए) के तहत दोषी पाया। बांग्लादेशी नागरिक की पहचान साजिद के रूप में हुई है जो जमात-उल-मुजाहिदीन का सदस्य है। वहीं भारतीय दोषी का नाम बुरहान एसके है।
ये दोनों दोषी भारत में आतंकी घटनाओं के लिए धन उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे थे।