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Temple-Mosque Dispute: अब फ्रंट पर आया पॉपुलर फ्रंट, मुस्लिमों को लिखा खत, जानें PFI की भारत में जड़ें 

Fri, 27 May 2022 04:09 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पत्र में मुस्लिमों से आग्रह किया गया है कि वे  मस्जिदों व अन्य धर्मस्थलों केा बचाने के लिए आगे आएं और उनके खिलाफ जारी कार्रवाई का खुला विरोध करें। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय कार्य परिषद की 23 और 24 मई को केरल के पुत्थनथानी में बैठक हुई थी। 
 
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हिंसा से जुड़ी कई घटनाओं में पीएफआई का नाम आ चुका - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीएए आंदोलन, हिजाब विवाद, यासीन मलिक केस, जैसे तमाम मामलों व विवादों से जुड़ा संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) अब मंदिर मस्जिद विवाद में भी फ्रंट पर आ गया है। पीएफआई ने देश के मुस्लिमों के नाम एक खत जारी कर उनसे एकजुट होकर मंदिर-मस्जिद विवाद का विरोध करने का आह्वान किया है। ऐसे में यह जानना समीचीन है कि इस संगठन का भारत के किन विवादों से कैसा व कितना गंभीर नाता रहा है।

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पत्र में मुस्लिमों से आग्रह किया गया है कि वे  मस्जिदों व अन्य धर्मस्थलों केा बचाने के लिए आगे आएं और उनके खिलाफ जारी कार्रवाई का खुला विरोध करें। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय कार्य परिषद की 23 और 24 मई को केरल के पुत्थनथानी में बैठक हुई थी। 

इस बैठक में मुस्लिमों से अपील की गई कि वे मस्जिदों और पूजा स्थलों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करें। प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि बनारस की ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद के खिलाफ संघ परिवार के संगठनों की हालिया याचिकाएं धर्मस्थल कानून 1991 के खिलाफ हैं। देश की अदालतों को इन्हें विचारार्थ स्वीकार नहीं करना था। 
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2007 में बना संगठन, शाहीनबाग में मुख्यालय
पीएफआई मुस्लिमों का संगठन है। यह 17 फरवरी 2007 को केरल में बना था। इसकी जड़ें केरल के कालीकट में हैं। इसका मुख्यालय दिल्ली के शाहीन बाग में है। यह वही इलाका है, जहां केंद्र द्वारा बनाए गए नागरिकता संशोधन कानून सीएए और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर एनआरसी के खिलाफ 100 दिन तक सड़क पर धरना चला था। शाहीन बाग में बड़ी संख्या में महिलाएं आंदोलन में शामिल हुई थीं, इसलिए इससे निपटने में सरकार को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।  पीएफआई की देश के 23 राज्यों में शाखाएं हैं। कई राज्यों में महिला इकाई भी सक्रिय है। यह खुद को मुस्लिमों के न्याय, स्वतंत्रता और सुरक्षा के संरक्षक के रूप में पेश करता है। 

आतंकी संगठन आईएसआईएस से नाता?
एनआईए के अनुसार यह विवादित संगठन आईएसआईएस से भी जुड़ा है। इसने केरल के कन्नूर में आईएसआईएस के लिए एक हथियार प्रशिक्षण शिविर चलाया था। वह केरल में हिंसा व कई विवादों में शामिल रहा है। इसी संगठन की शह पर केरल के कुछ युवा आईएआईएस के ट्रेनिंग कैंप में गए थे। 

पीएफआई नेताओं के इन बयानों से फैल रही नफरत

  • पिछले दिनों महाराष्ट्र के लाउडस्पीकर विवाद के दौरान मुंब्रा पीएफआई अध्यक्ष अब्दुल मतीन शेखानी ने ठाणे में एक मस्जिद में नमाज के बाद तकरीर में लोगों को उकसाया था। मामले में उसके सहित कुल 31 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया। शेखानी ने कहा था कि हमें छेड़ोगे तो हम भी छोड़ेंगे नहीं। अगर मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर को हाथ भी लगाया तो हमारा संगठन सबसे आगे खड़ा हुआ नजर आएगा। 
  • इसके पूर्व पीएफआई के राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद शाकिफ ने मैसुरू के एक कार्यक्रम हिंदुओं, केंद्र सरकार व भाजपा के खिलाफ आग उगली थी। उन्होंने एक वायरल वीडियो में कहा था कि सरकार के इशारे पर आरएसएस की मदद से मुसलमानों को परेशान किया जा रह है। यह भारतीय मुसलमानों के चुप बैठने का वक्त नहीं है। इस साल रामनवमी के दौरान हुए दंगों की पहले से प्लानिंग की गई थी। अभी पानी सिर के ऊपर नहीं गया है। अभी भी हम इसे रोकने का काम नहीं करेंगे तो हम डूब जाएंगे। अगर इस दौर में तुम पर कोई केस नहीं हुआ तो तुम नेता कहलाने के लायक नहीं हो। 
  • फरवरी में पीएफआई नेताओं ने राजस्थान के कोटा में अपने कार्यकर्ताओं की एक परेड निकाली थी। इसमें भी भड़काऊ भाषण दिए गए थे। राष्ट्रीय महासचिव अनीस अहमद ने आरएसएस की तुलना अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से की थी। 
     

यूपी हिंसा के मामलों में जुड़ा

PFI का प्रतिबंधित संगठन सिमी से भी नाता रहा है। यह सिमी की बी टीम है। स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेट ऑफ इंडिया (SIMI) का गठन 1977 में हुआ था। इसे 2006 में प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसके एक साल बाद पीएफआई का उदय हुआ। इसका नाम 2019 की लखनऊ हिंसा और हाथरस कांड से भी जुड़ा था। यूपी में हिंसा की कई घटनाओं में यह लिप्त रहा। लखनऊ हिंसा में गिरफ्तार आरोपियों में से 3 पीएफआई के हैं। शामली में भी चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। हाथरस में दलित युवती से दुष्कर्म के बाद सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में इसका एक कार्यकर्ता गिरफ्तार हुआ था। 
 

हिजाब विवाद को हवा दी

कर्नाटक के हिजाब विवाद के दौरान भी पीएफआई का नाम सामने आया था। मुस्लिम छात्राओं को स्कूलों में हिजाब पहनकर जाने व ड्रेस कोड नहीं मानने के लिए उकसाने के लिए भी इसे जिम्मेदार बताया गया था। दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हालिया हिंसा में भी इस संगठन का नाम सामने आया था। हाल ही में केरल में एक रैली के दौरान इसके मंच से एक बच्चे ने हिंदुओं व ईसाईयों के खिलाफ नारेबाजी की थी। इस मामले में संगठन के दो पदाधिकारियों समेत तीन पर एफआईआर दर्ज की गई है। 
 
राज्यपाल टीएन रवि, असम के सीएम व यूपी के डिप्टी सीएम कर चुके पाबंदी की मांग
असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा व यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या समेत कई नेता पीएफआई पर पाबंदी की मांग कर चुके हैं। अभी गृह मंत्रालय ने इस पर कोई फैसला नहीं किया है। इसी माह तमिलनाडु के राज्यपाल टीएन रवि ने भी इस पर पाबंदी की मांग की है।
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यूएई की होटल ने भेजे थे 19 करोड़

इसी माह ईडी ने पीएफआई के दो गिरफ्तार नेताओं अब्दुल रजाक पीडियाक्कल उर्फ अब्दुल रजाक बीपी और अशरफ खादिर उर्फ अशरफ एमके के खिलाफ लखनऊ की विशेष पीएमएलए अदालत में एक पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि संयुक्त अरब अमीरात की एक होटल ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के लिए मनी लॉन्ड्रिंग फ्रंट के रूप में काम किया। इस होटल ने पीएफआई को 19 करोड़ रुपये भेजे थे। पीएफआई केरल राज्य कार्यकारी परिषद के सदस्य अशरफ एम के की भूमिका पर ईडी ने कहा कि वह संगठन और संबंधित संस्थाओं के वित्त पोषण में शामिल था। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि अशरफ अबू धाबी में दरबार रेस्तरां का मालिक था। जांच में पाया गया कि वह विदेशों में धन जुटाने व एकत्र करने में शामिल था और उसने भूमिगत, अवैध चैनलों के माध्यम से लगभग 19 करोड़ रुपये भारत भेजे।

2010 में प्रोफेसर जोसेफ के हाथ काटने का आरोपी है अशरफ 
ईडी ने कहा कि अशरफ ने अपने भाई से लगभग 48 लाख रुपये की अपराध की आय हासिल की, जो दरबार रेस्तरां का प्रबंधन कर रहा था। उसके स्वामित्व वाली एक अन्य कंपनी, तामार इंडिया स्पाइसेस प्राइवेट लिमिटेड का भी अपराध की आय के लिए इस्तेमाल किया गया था। इसमें कहा गया है कि केरल में पीएफआई एर्नाकुलम जिले के पूर्व अध्यक्ष अशरफ को एनआईए ने 2010 में प्रोफेसर जोसेफ के हाथ काटने के मामले में आरोपी के रूप में पेश किया था। 
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