दूरसंचार नियामक ट्राई ने सोमवार को कहा है कि ज्यादातर दूरसंचार कंपनियों ने नेटवर्क प्रदर्शन में सुधार दिखाया है। हालांकि एयरटेल, वोडाफोन, रिलायंस, एयरसेल और आईडिया को दिल्ली-एनसीआर में अपनी कॉल ड्राप दर प्रदर्शन को बेहतर बनाए जाने की जरूरत है।
मई के लिए ट्राई के इंडिपेंडेंट ड्राइव टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 2 जी नेटवर्क की गुणवत्ता को मापने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मानकों मेुं आम तौर पर सुधार आया है। बयान में कहा गया है कि हालांकि कॉल ड्रॉप दर मानकों के मामले में और सुधार की जरूरत है।
आगे कहा गया है कि ज्यादातर ऑपरेटरों ने अपने नेटवर्क प्रदर्शन में सुधार किया है। 3 जी नेटवर्क की ज्यादातर मामलों में कॉल ड्रॉप दर पिछले ड्राइव टेस्ट की तुलना में खराब हुई है। आइडिया के मामलों में सबसे ज्यादा खराबी आई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि संक्षेप में ऑपरेटरों एयरटेल, वोडाफोन, रिलायंस, एयरसेल और आइडिया को कॉल ड्रॉप रेट प्रदर्शन को बेहतर बनाने की जरूरत है। सीडीएमए ऑपरेटरों और एमटीएनएल को सभी मानकों पर अपने प्रदर्शन को सुधारने की जरूरत है जिससे वे स्वीकार्य स्तर पर सेवाओं की पेशकश कर सकें। हैदराबाद में, ज्यादातर ऑपरेटर 2 फीसदी का कॉल ड्रॉप रेट मानक हासिल करने में असफल रहे हैं।
बयान में कहा गया है कि टेस्ट किए गए 14 नेटवर्क्स में से 11 कॉल ड्रॉप रेट के लिए जरूरी मानकों को पूरा नहीं करते हैं। बयान में कहा गया है कि हैदराबाद में 10 इलाकों में से 3 इलाकों बंजारा हिल्स, सिकंदराबाद ओर गंधामगुदा ने कुल कॉल ड्रॉप में 60 फीसदी का योगदान दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों में रहा है जहां ज्यादातर ऑपरेटरों ने कॉल ड्रॉप रेट मानकों को पूरा किया है।
एयरटेल 2जी, वीडियोकॉन 2 जी और बीएसएनएल 3जी इस मामले में अपवाद हैं। बयान में कहा गया है कि एयरटेल 2जी और वीडियोकॉन 2जी सिर्फ 2 ऑपरेटर हैं जिनको चंडीगढ़ में अपने नेटवर्क की गुणवत्ता बेहतर बनाने की जरूरत है।
भोपाल में एयरटेल और वोडाफोन ने अपने 2 जी नेटवर्क में कॉल ड्रॉप रेट मानकों को पूरा किया है जबकि एयरटेल सिर्फ मामूली तौर पर अपने 3 जी नेटवर्क का मानक पूरा करने में असफल रही है।