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तेलंगाना: किसानों से जुड़ने के लिए पहनने लगे धोती-शर्ट, पदयात्रा ने बदली किस्मत; जानें डिप्टी CM विक्रमार्क को

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Thu, 07 Dec 2023 03:10 PM IST

सार

Mallu Bhatti Vikramarka: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने तेलंगाना के दूसरे उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भट्टी खम्मम जिले की माधिरा सीट से कांग्रेस के चार बार के विधायक हैं।
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भट्टी विक्रमार्क मल्लू - फोटो : AMAR UJALA

तेलंगाना में आज कांग्रेस नेता अनुमुला रेवंत रेड्डी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्य की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने दोपहर 1.04 बजे 56 वर्षीय नेता को सीएम पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही 11 अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें वरिष्ठ नेता भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे मुख्यमंत्री पद के चेहरों में भी विक्रमार्क की खूब चर्चा रही, लेकिन उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है। 

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भट्टी विक्रमार्क मल्लू - फोटो : AMAR UJALA
तेलंगाना में आज कांग्रेस नेता अनुमुला रेवंत रेड्डी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्य की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने दोपहर 1.04 बजे 56 वर्षीय नेता को सीएम पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही 11 अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें वरिष्ठ नेता भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे मुख्यमंत्री पद के चेहरों में भी विक्रमार्क की खूब चर्चा रही, लेकिन उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है। 

आइये जानते हैं उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले भट्टी विक्रमार्क मल्लू के बारे में...
भट्टी विक्रमार्क खम्मम जिले की माधिरा सीट से कांग्रेस के विधायक हैं। विक्रमार्क का जन्म जून 1961 में व्यारा मंडल (खम्मम) में पड़ने वाले सननला लक्समीपुरम नामक स्थान पर हुआ था। उन्होंने हैदराबाद स्थित निजाम कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद 1986 में हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से एम.ए. (इतिहास) किया। 

2009 में पहली बार विधायक बने
भट्टी के सियासी सफर पर गौर करें तो वह आंध्र प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के एमएलसी के रूप में उन्होंने सक्रिय राजनीति शुरू की। इसके बाद विक्रमार्क माधिरा सीट पर 2009 में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके साथ ही पार्टी ने उन्हें मुख्य सचेतक भी बना दिया। वहीं, जून 2011 में आंध्र प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष बनाए गए।

दो भाई भी सियासत में
वरिष्ठ नेता ने 2014 और 2018 में फिर माधिरा सीट से विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाई और दोनों बार विधायक बने। जनवरी 2019 में विक्रमार्क को तेलंगाना विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता के रूप में नियुक्त किया गया। विक्रमार्क के बड़े भाई अविभाजित आंध्र के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके मझले भाई भी कांग्रेस सांसद रह चुके हैं।

राज्य के दूसरे उपमुख्यमंत्री बने 
2023 के विधानसभा चुनाव में भट्टी चौथी बार माधिरा सीट से उतरे और यहां उन्होंने जीत का चौका लगा दिया। इस चुनाव में उन्होंने बीआरएस उम्मीदवार कमल राजू लिंगला को 35,452 वोटों से शिकस्त दी। आज मल्लू भट्टी विक्रमार्क राज्य के दूसरे उपमुख्यमंत्री बन गए। 

विक्रमार्क के पास 8.13 करोड़ रुपये की संपत्ति
चौथी बार विधायक बने भट्टी विक्रमार्क के पास 8.13 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इनमें नकदी  के रूप में उनके पास 2,82,000 रुपये हैं। इसके साथ ही कांग्रेस नेता के पास 1167 ग्राम के सोने के आभूषण हैं जिसकी कीमत करीब 76 लाख रुपये है। इसके अलावा वह 26 लाख रुपये की इन्नोवा कार भी रखते हैं। कांग्रेस विधायक ने अपने चुनावी हलफनामे में बताया है कि उनकी कमाई का जरिया राजनीति और किसानी है। वहीं उनकी पत्नी को व्यवसायिक खेती से कमाई होती है।

100 दिन वाली पद यात्रा का मिला फायदा 
भट्टी को अपने सियासी सफर में 100 दिन वाली पद यात्रा का काफी फायदा मिला है। उन्होंने इस दौरान पूरे राज्यभर में 1,300 किलोमीटर की यात्रा की थी। इस यात्रा का उद्देश्य जनता के मुद्दों को उठाना और उनके करीब जाना था। भट्टी की इस यात्रा ने राज्य में उनकी छवि को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।



कांग्रेस नेता के व्यक्तित्व के अलावा उनकी सादी भेषभूषा भी लोगों को खूब भाती है। उन्हें पारंपरिक धोती और शर्ट पहनने काफी पसंद है। कहा जाता है कि यह वाईएसआर का पसंदीदा पहनावा था। इससे भी अहम बात यह है कि भट्टी के करीबी लोगों का कहना है कि इससे उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र के किसानों से जुड़ने में मदद मिलती है, जो इसी तरह के कपड़े पहनते हैं। भट्टी कभी कुर्ता और पैंट पहनते थे, लेकिन अब पूरी तरह से बदल गए हैं। आज भट्टी जहां भी हैं, वह उनकी सादगी भी एक बड़ी वजह है।
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