फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Horse Treading Case: तेलंगाना पुलिस ने चार राज्यों में सात जगहों पर मारा छापा, तीन आरोपी गिरफ्तार

Sun, 13 Nov 2022 09:49 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टीआरएस के विधायकों में से एक पी रोहित रेड्डी की शिकायत के आधार पर 26 अक्टूबर की रात में रामचंद्र भारती उर्फ सतीश शर्मा, नंद कुमार और सिम्हाजी स्वामी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। प्रथमिकी के मुताबिक, रोहित रेड्डी ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उन्हें 100 करोड़ रुपये की पेशकश की। इसके बदले में उसने शर्त रखी थी कि उन्हें टीआरएस छोड़कर  भाजपा में शामिल होना पड़ेगा।
विज्ञापन
तेलंगाना पुलिस - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तेलंगाना में विधायकों की खरीद फरोख्त मामले में वहां की पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। तेलंगाना पुलिस ने इस मामले में चार राज्यों में सात जगहों पर छापा मारा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले में जांच के लिए बनाई गई एसआईटी टीम ने छापेमारी के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। गौरतलब है कि, तेलंगाना में टीआरएस विधायकों को खरीदने की कोशिश करने के मामले को लेकर भाजपा और टीआरएस में ठनी हुई है। हाल ही में, केसीआर ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि भाजपा उनकी सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है।   

विज्ञापन


रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेलंगाना के 4 विधायकों की 100 करोड़ खरीद-फरोख्त मामले में जांच के लिए बनाई गई एसआईटी टीम ने हरियाणा, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना में छापा मारा था। इस दौरान हरियाणा से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है। छापेमारी की कार्रवाई के बाद मामले में कई बड़े खुलासे भी हुए हैं।   

रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों में धर्मगुरु रामचंद्र भारती समेत हैदराबाद के व्यवसायी नंद कुमार और तिरुपति के सिम्हाजी स्वामी का नाम शामिल है। तेलंगाना पुलिस के मुताबिक, केरल के कोच्चि में डॉ. जग्गू के मकान की तलाशी के दौरान कुछ अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, धर्मगुरु रामचंद्र भारती के कर्नाटक के पुत्तूर स्थित घर में भी छापा मारा गया था। वहीं, हैदराबाद से गिरफ्तार किए गए व्यवसायी नंद कुमार के घर और रेस्तरां पर भी छापा मारा गया। वहीं, तिरुपति में सिम्हाजी स्वामी के घर की भी तलाशी ली गई है। 
विज्ञापन


रिपोर्टेस के मुताबिक, डॉ. जग्गू ही आरोपी रामचंद्र भारती और दूसरे संदिग्ध तुषार के बीच की कड़ी है। तुषार अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। एसआईटी अधिकारी के मुताबिक, तुषार ने फोन पर विधायक रोहित रेड्डी से बात की थी। एस आईटी अधिकारियों का कहना है कि अभी मामले में कडियां जोड़ी जा रही हैं। 

क्या था मामला
टीआरएस के विधायकों में से एक पी रोहित रेड्डी की शिकायत के आधार पर 26 अक्टूबर की रात में रामचंद्र भारती उर्फ सतीश शर्मा, नंद कुमार और सिम्हाजी स्वामी के खिलाफ संबंधित धाराओं- आपराधिक साजिश, रिश्वत की पेशकश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए गए थे। प्रथमिकी के मुताबिक, रोहित रेड्डी ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उन्हें 100 करोड़ रुपये की पेशकश की। इसके बदले में उसने शर्त रखी थी कि उन्हें टीआरएस छोड़कर  भाजपा में शामिल होना पड़ेगा। 

विधायकों ने फोन पर धमकी मिलने की शिकायत की
टीआरएस के उन चार विधायकों ने अज्ञात लोगों से धमकी भरे फोन आने की शिकायत की है, जिन्हें पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के लिए कथित तौर पर धन का प्रलोभन दिया गया था।  चार विधायकों - पायलट रोहित रेड्डी, बी हर्षवर्धन रेड्डी, रेगा कांथा राव और गुव्वाला बलराजू द्वारा दो दिन पहले अलग-अलग शिकायत करने के बाद रायदुर्गम, बंजारा हिल्स, घाटकेसर और गचीबावली पुलिस थानों में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें