विस्फोट के समय मौके पर 143 लोग थे
मृतकों में से अधिकांश ओडिशा, बिहार, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के थे। विस्फोट के समय मौके पर 143 लोग थे, जिनमें से 56 अधिकारियों के संपर्क में हैं। बाकी लोगों की तलाश जारी है। सीएम ने जोर देकर कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने अस्पताल में घायलों से मुलाकात भी की।
इससे पहले मियापुर में प्रणाम अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क करने पर पता चला कि सोमवार को उनके यहां जलने और सिर में चोट लगने के कारण 21 मरीज आए थे। हालांकि, दो को मृत घोषित कर दिया गया और एक की आज सुबह मौत हो गई। पटांचेरू में ध्रुव अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोमवार को उनके यहां 11 मरीज आए थे, जिनमें से दो को सुपरस्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया। अधिकारी ने कहा, 'नौ मरीजों में से पांच वेंटिलेटर पर हैं। हमारे पास सात मरीज हैं, जो 40-80 प्रतिशत तक जले हुए हैं और दो 10 प्रतिशत जले हुए हैं।'
विस्फोट में घायल पीड़ितों से मुलाकात करते सीएम रेवंत रेड्डी।
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पहचान के लिए शवों की डीएनए प्रोफाइलिंग की जरूरत
राजस्व विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, अभी तक नौ शवों की पहचान ही हो पाई है, जबकि बाकी शवों की डीएनए प्रोफाइलिंग की जरूरत है। मृतकों में से अधिकांश ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों के थे।
केमिकल रिएक्शन एक बड़ी वजह
फार्मा कंपनी में सोमवार को हुई घातक दुर्घटना के पीछे केमिकल रिएक्शन एक बड़ी वजह हो सकती है। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक फार्मास्युटिकल कंपनी है, जो सक्रिय फार्मास्युटिकल सामग्री (एपीआई), इंटरमीडिएट्स, एक्सिपिएंट्स, विटामिन-मिनरल ब्लेंड्स, संचालन और प्रबंधन (ओएंडएम) सेवाओं के लिए जानी जाती है।