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तेलंगाना: सरकारी अस्पताल में आग से अब तक पांच नवजातों की मौत, एसएनसीयू में शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ था हादसा

Wed, 23 Sep 2026 06:31 PM IST
पवन पांडेय पीटीआई, हैदराबाद

सार

जानकारी के मुताबिक, एयर कंडीशनिंग यूनिट में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। एसी के प्लास्टिक हिस्सों में आग लगने के बाद यूनिट में तेजी से धुआं भर गया। उस समय एसएनसीयू में कई बीमार और समय से पहले जन्मे नवजात भर्ती थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तेलंगाना के आदिलाबाद जिले में राज्य सरकार के राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में लगी आग के बाद मरने वाले नवजातों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। बुधवार को दो और नवजातों की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह हादसा सोमवार देर रात अस्पताल के एसएनसीयू में हुआ था।
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27 नवजातों को दूसरे अस्पतालों में भेजा गया
आग लगने और धुआं फैलने के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। एसएनसीयू में इलाज करा रहे 27 नवजातों को अलग-अलग निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया, ताकि उन्हें सुरक्षित तरीके से इलाज मिल सके। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से एक समय से पहले जन्मे बच्चे को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद मंगलवार को दो और नवजातों की मौत हुई। बुधवार को दो और बच्चों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में मरने वाले नवजातों की संख्या पांच हो गई है। वहीं, चार नवजातों की हालत स्थिर होने के बाद उनके माता-पिता उन्हें अस्पताल से घर ले गए।

स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश दिए
तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री सी दामोदर राजनरसिम्हा ने मंगलवार को अस्पताल का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि हादसे की पूरी जांच के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई जाएगी। यह समिति कई पहलुओं की जांच करेगी। इनमें आग लगने की वजह, अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था, रखरखाव में हुई संभावित लापरवाही और प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक शामिल हैं। समिति भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदमों की भी सिफारिश करेगी।
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मानवाधिकार आयोग ने भी मांगी रिपोर्ट
इस हादसे का तेलंगाना मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष शमीम अख्तर ने मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने रिपोर्ट में आग लगने की परिस्थितियों, एसएनसीयू में मौजूद सुरक्षा और रखरखाव की व्यवस्था, हादसे के बाद नवजातों को बचाने के लिए उठाए गए कदमों और प्रभावित बच्चों के इलाज की जानकारी मांगी है। इसके अलावा, हादसे की वजह और नवजातों की मौत को लेकर अगर कोई जांच हुई है तो उसकी रिपोर्ट और निष्कर्ष भी मांगे गए हैं। मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि हादसे और नवजातों की मौत से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाना जरूरी है। आयोग ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अक्तूबर की तारीख तय की है।

हादसे ने अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
एसएनसीयू में भर्ती नवजात बेहद नाजुक स्थिति में होते हैं और उन्हें लगातार निगरानी तथा विशेष चिकित्सा सुविधा की जरूरत होती है। ऐसे वार्ड में आग और धुएं की घटना ने अस्पतालों में फायर सेफ्टी, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, एसी उपकरणों के रखरखाव और आपातकालीन निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
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