तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने 111 वर्षीय पर्यावरणविद सालुमरादा थिमक्का को सम्मानित किया। थिमक्का को वृक्ष मते यानी पेड़ों की माता के नाम से भी जाना जाता है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने हैदराबाद में प्रगति भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 111 वर्षीय पर्यावरणविद सालुमरादा थिमक्का को सम्मानित किया। सालुमरादा थिमक्का को वृक्ष मते यानी पेड़ों की माता के नाम से भी जाना जाता है।
विज्ञापन
कर्नाटक के हुलीकल गांव में जन्मी सालुमरादा थिमक्का पर्यावरण को बचान के लिए पौधे लगाने और पेड़ों का पालन-पोषण करती हैं। उन्होंने करीब 8 हजार से भी ज्यादा पौधे लगाए हैं। अपने पति के साथ मिलकर उन्होंने पौधे लगाने की शुरूआत की थी। करीब 68 सालों से सालुमरादा थिमक्का यह काम करती आ रही हैं। 1991 में पति की मौत के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और अकेले पौधे लगाती रही।
जानकारी के मुताबिक, पति-पत्नी मिलकर दिनभर पौधे लगाने का काम करते थे। अपने लगाए पौधों को पानी देने के लिए इन्हें करीब 4 किमी पैदल चलना पड़ता था। थिमक्का ने एक खदान में मजदूरी का काम किया लेकिन कभी पौधे लगाने का काम नहीं छोड़ा।
विज्ञापन
टिम्मक्का ने औपचारिक शिक्षा हासिल नहीं की है वह साधारण परिवार से हैं उनके परिवार में केवल उनके पति थे लेकिन कई साल पहले उनकी मृत्य़ु हो गई। उन्होंने बाद में एक लड़के को गोद लिया जिसे वह पर्यावरण से प्रेम करने के लिए प्रेरित करती हैं।