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Amit Shah: 'सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता लागू करेंगे', तेलंगाना चुनाव के लिए भाजपा का घोषणा पत्र जारी

Sat, 18 Nov 2023 08:50 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

तेलंगाना में 30 नवंबर को मतदान होंगे। विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज भाजपा का घोषणा पत्र जारी किया। उन्होंने सरकार बनने पर तेलंगाना में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने का वादा किया।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फाइल) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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तेलंगाना विधानसभा चुनाव-2023 के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का घोषणा पत्र जारी हो गया है। बड़ा एलान करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर बीजेपी तेलंगाना में सत्ता में आई तो समान नागरिक संहिता लागू करेगी। चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा ने लोकलुभावन वादे भी किए हैं।
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दक्षिण भारतीय प्रदेश तेलंगाना में पैर जमाने की जद्दोजहद में जुटी भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने कहा, बीजेपी को बहुमत मिलने के बाद तेलंगाना में उज्वला लाभार्थियों को प्रति वर्ष चार मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिए जाएंगे। लाभार्थियों के लिए कई और वादों के साथ भाजपा ने सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को भी कठघरे में खड़ा किया है।

भाजपा के घोषणापत्र में कहा गया है कि बीआरएस सरकार के कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति नियुक्त करेगी। हैदराबाद में भाजपा का घोषणा पत्र लॉन्च करने के बाद शाह ने कहा कि घोषणा पत्र में किए गए वादे पीएम मोदी की तरफ से जनता को दी गई 'गारंटी' हैं। पार्टी के घोषणा पत्र के मुताबिक, बीजेपी ने हर साल 17 सितंबर को आधिकारिक तौर पर हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाने का फैसला किया है।
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शाह ने कहा, "हम बैरनपल्ली और पार्कल के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए 27 अगस्त को रजाकर भयावह स्मृति दिवस के रूप में मनाएंगे। इसके अलावा, भाजपा की सरकार बनने पर हैदराबाद में एक संग्रहालय और एक स्मारक स्थापित किया जाएगा। इसमें तेलंगाना के लोगों के बहादुर संघर्ष का दस्तावेजीकरण किया जाएगा।"

गृह मंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि वे हमेशा से तेलंगाना को राज्य का दर्जा देने के खिलाफ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र पीएम मोदी की तेलंगाना के लिए गारंटी है। जब अटल जी पीएम थे, तो तीन राज्यों का गठन किया गया था, और कोई हिंसा नहीं हुई थी। कांग्रेस ने हमेशा तेलंगाना की राज्य की मांग को खारिज कर दिया। अपने चुनावी लाभ के लिए, उन्होंने जल्दबाजी में तेलंगाना का गठन किया।

शाह ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री केसीआर ने हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाने से परहेज किया क्योंकि वह एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से डरते थे। उन्होंने कहा, "केसीआर के नेतृत्व में, तेलंगाना का लोकतंत्र लूट तंत्र में बदल गया और प्रजातंत्र परिवारतंत्र में बदल गया। यहां केसीआर तेलंगाना का पैसा खर्च कर रहे हैं और वहां कांग्रेस कर्नाटक का पैसा खर्च कर रही है। यह हमारी नीति नहीं है। हम केवल एजेंडे के आधार पर चुनाव लड़ते हैं और जीतते हैं।"

बता दें कि चुनावी रैलियों में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) और उनकी पार्टी पर जमकर निशाना साधने वाली भाजपा ने बड़े पैमाने पर आर्थिक घोटालों के आरोप लगाए हैं। हालांकि, केसीआर ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि तेलंगाना में भाजपा का कोई जनाधार नहीं है। सीएम केसीआर के बेटे केटी रामाराव ने भी कहा है कि भाजपा बेबुनियाद आरोप लगा रही है।
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