हैदराबाद के एसआर नगर में रहने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने उसका बनाया हुआ सोशल नेटवर्किंग ऐप फेल हो जाने के कारण आत्महत्या कर ली है। 33 वर्षीय इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि ऐप के फेल हो जाने के कारण वह नाइट्रोजन गैस पीकर आत्महत्या कर रहा है। नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल इसलिए किया ताकि बिना दर्द की मौत हो।
मरने वाले शख्स का नाम लकी गुप्ता अग्रवाल था, जो हैदराबाद में एसआर नगर के स्वर्ण प्लाजा अपार्टमेंट में रहता था। बुधवार को अशिक कुमार अग्रवाल को लगा कि उनका बेटा सही समय से नहीं उठा है। पेशे से बिजनेस मैन अशिक कुमार को बेटे के सही समय पर न उठने पर संदेह हुआ।
जब बार-बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी लकी ने दरवाजा नहीं खोला तो पिता ने दरवाजा तोड़ दिया। जैसे ही वह अंदर पहुंचे तो लकी को मृत पाया। लकी अपनी नाक पर एक मास्क लगाकर लेटा हुआ था, जिसका पाइप एक नाइट्रोजन सिलेंडर से जुड़ा हुआ था।
शाम करीब 3 बजे परिवार के लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला। लकी ने उस नोट में लिखा था कि वह बहुत ही सौभाग्यशाली है कि उसे बिना दर्द की मौत मिल रही है। सुसाइड नोट में ही लकी ने लिखा था कि उसने नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल इसलिए किया क्योंकि ये आसानी से उपलब्ध होने के साथ-साथ एक आसान मौत पाने का तरीका था।