प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की टीम का मुकाबला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ही टीम करेगी। मंगलवार को कांग्रेस कार्यसमिति(सीडब्ल्यूसी) की बैठक से भी साफ हो गया कि टीम सोनिया तीन साल के मोदी सरकार के कामकाज की हवा निकालने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
फिलहाल कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व वाली टीम कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को आगे करके कोई राजनीतिक जोखिम भी नहीं मोल लेना चाहती। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि कार्यसमिति की बैठक में सरकार के तीन साल के कामकाज, अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति, जम्मू-कश्मीर के हालात समेत सभी ज्वलंत राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
आगामी राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। संसद का मानसून सत्र भी आने वाला है और ऐसे में कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अख्तियार करना शुरू कर दिया है।
पार्टी के एक महासचिव के अनुसार कांग्रेस राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष का साझा उम्मीदवार खड़ा करने के पक्ष में है। इसके लिए पार्टी इसकी को समान विचारधारा वाले दलों का समर्थन भी मिल रहा है।
रहा सवाल कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य का तो इसके लिए पार्टी आंतरिक सांगठनिक चुनाव की प्रतीक्षा करने के मूड में है। खुद राहुल गांधी भी चाहते हैं कि वह पारदर्शी तरीके से कांग्रेस के डेलीगेट और कार्य समिति के सदस्यों द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से चुनकर पार्टी का अध्यक्ष बनें।
वह पार्टी का थोपा हुआ अद्यक्ष नहीं बनना चाहते। ऐसे में माना जा रहा है कि दिसंबर 2017 में ही कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल सकता है। फिलहाल पार्टी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के ही मार्ग दर्शन में ही आगे बढ़ेगी।
कांग्रेस उपाध्यक्ष की अध्यक्ष पद पर ताजपोशी को लेकर खुद कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद का कहना है कि संगठनात्मक चुनावों को मंजूरी दे दी गई है। आजाद के इस कथन से साफ है कि पार्टी इस बारे में कोई निर्णय आंतरिक चुनाव के बाद ही लेगी। गौरतलब है कि सोनिया गांधी 1998 से कांग्रेस अध्यक्ष हैं। वैसे भी 70 वर्षीय कांग्रेस अध्यक्ष का कुछ वर्षों से स्वास्थ्य ठीक नहीं है। उन्हें समय-समय पर इलाज के लिए विदेश जाना पड़ता है।
इससे पहले कांग्रेस पार्टी का सांगठनिक चुनाव 2005 में हुआ था। यह लंबे समय से प्रस्तावित है और माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।