टीसीएस कर्मचारी अमित ब्रह्मे की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने तीन लोगों, के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें कंपनी के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। मृतक के कथित सुसाइड नोट में सहकर्मियों और एक परिचित पर मानसिक प्रताड़ना, अपमान और करियर से जुड़े नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। पढ़िए रिपोर्ट-
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के कर्मचारी की मौत के मामले में पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें कंपनी के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
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इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं, टीसीएस ने कहा है कि उसने अपने कर्मचारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संज्ञान में लिया है। मामले के तथ्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह मामला मृतक कर्मचारी के बेटे की शिकायत के आधार पर पड़ोसी शहर पिंपरी-चिंचवड़ के भोसरी थाने में दर्ज किया गया है।
टीसीएस के हिंजवाड़ी कार्यालय में काम करने वाले अमित ब्रह्मे (48 वर्षीय) ने कथित तौर पर भोसरी स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके कथित सुसाइड नोट में विनोद पालिचा नाम के एक दोस्त का नाम लिखा था। नोट में आरोप लगाया गया था कि विनोद ने कंपनी को उनके बारे में बदनाम करने वाले ईमेल भेजे थे।
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सुसाइड नोट में क्या आरोप लगाए गए थे?
सुसाइड नोट में महिला सहकर्मियों अर्चना और शश्वती के नाम भी लिखे गए थे।
मृतक अमित ने आरोप लगाया था कि दोनों ने कई बार अन्य कर्मचारियों के सामने उनका अपमान किया।
उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें अच्छे काम के अवसर नहीं दिए गए और उनकी विशेषज्ञता से अलग क्षेत्रों के प्रोजेक्ट सौंपे गए।
नोट में यह भी आरोप लगाया गया था कि दोनों महिलाओं ने उनके प्रदर्शन को लेकर उन्हें फटकार लगाई, सहकर्मियों के सामने नौकरी छोड़ने के लिए कहा और खराब फीडबैक देने की धमकी दी।
पुलिस अधिकारी ने कहा, हमने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मामला दर्ज किया है। आगे की जांच की जा रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
टीसीएस ने अपने बयान में क्या कहा?
टीसीएस ने कहा कि उसने अपने दो कर्मचारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का संज्ञान लिया है।
कंपनी ने कहा कि उसके कर्मचारियों का कल्याण उसके लिए सबसे जरूरी है और वह शोक संतप्त परिवार को हरसंभव सहायता दे रही है।
टीसीएस ने कहा कि उसने अपने दो कर्मचारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को भी संज्ञान में लिया है। तथ्यों की जांच की जा रही है।
आईटी क्षेत्र की इस बड़ी कंपनी ने कहा कि वह सभी कर्मचारियों के लिए एक ऐसे कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो सम्मानजनक, सहयोगी और सभी को साथ लेकर चलने वाला हो।
एनआईटीईएस ने सीएम फडणवीस को पत्र लिखा
इस बीच, आईटी कर्मचारियों के संगठन नेसेंट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (एनआईटीईएस) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है।