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TCS case: निदा खान मामले में हो रहे मीडिया ट्रायल की ओवैसी ने की निंदा, कहा- क्या बुर्का पहनना अपराध है?

Sat, 09 May 2026 04:54 PM IST
Asmita Tripathi पीटीआई, छत्रपति संभाजीनगर

सार

टीसीएस केस में एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इस मामले में अब मीडिया ट्रायल हो रहा है। उन्होंने इसकी निंदी की। इसके साथ ही सवाल पूछा कि क्या बुर्का पहनना अपराध है? पढ़ें पूरी रिपोर्ट 
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असदुद्दीन ओवैसी, अध्यक्ष, एआईएमआईएम - फोटो : ANI
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विस्तार
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अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को कहा टीसीएस मामले की आरोपी निदा खान से उनकी पार्टी को जोड़ना गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निदा खान अदालत में निर्दोष साबित होंगी।

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एआईएमआईएम के खिलाफ गहन जांच की मांग
टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी निंदा खान को गुरुवार को नासिक पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया, जिसके बाद एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल पर उसे फरार रहने के दौरान शरण देने का मामला दर्ज किया गया। इन घटनाक्रमों ने सत्तारूढ़ महायुति पार्टी के नेताओं, जिनमें मंत्री संजय शिरसात और नितेश राणे शामिल हैं। उनकी ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं, जिन्होंने इस मामले में एआईएमआईएम के खिलाफ गहन जांच की मांग की है।

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मीडिया ट्रायल का शिकार बनाया जा रहा- ओवैसी
राज्य में आगामी विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) के संबंध में अपनी पार्टी की बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि निदा खान को 'मीडिया ट्रायल' का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा एफआईआर दर्ज होने से पहले ही निदा खान का तबादला हो गया था। हम सभी ने टीसीएस का बयान देखा है। उसमें कहा गया है कि उनका मानव संसाधन विभाग से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है। अब तक नौ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। उनमें से एक में निदा खान का नाम धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दर्ज किया गया है।'

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बुर्का या पैगंबर मोहम्मद पर लिखी किताब रखना गैरकानूनी?
मामले में शिकायतकर्ता को सत्ताधारी पार्टी का सदस्य बताते हुए कहा कि लोकसभा सांसद ने सवाल उठाया कि क्या बुर्का या पैगंबर मोहम्मद पर लिखी किताब रखना गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि यह हर मुस्लिम घर में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इससे पहले दिल्ली में पुलिस ने कुछ युवकों को आतंकवादी करार दिया था क्योंकि उनके घर से (महान कवि) मिर्जा गालिब की एक किताब मिली थी।

ओवैसी ने जोर देकर कहा कि यह मीडिया ट्रायल है और अगर मीडिया जज और जूरी की तरह काम करे तो यह खतरनाक है। इससे न्याय का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। हमें विश्वास है कि अदालत न्याय देगी और लड़की (निदा खान) निर्दोष साबित होगी। यह मामला अदालत में टिक नहीं पाएगा। उन्होंने आगे कहा, 'यह मुस्लिम समुदाय के शिक्षित लोगों को परेशान करने के इरादे से किया जा रहा है। ये आरोप घृणा से प्रेरित हैं। न्यायपालिका अपनी भूमिका निभाएगी। लेकिन किसी एक पक्ष को इस मामले से जोड़ना पूरी तरह गलत है।'

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2002 से 2024 तक का रिकॉर्ड होगा

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विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) के संबंध में कहा कि हम एक ऐसा एप बना रहे हैं जिसमें महाराष्ट्र के सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों का 2002 से 2024 तक का रिकॉर्ड होगा। हमें उम्मीद है कि महाराष्ट्र में जहां भी हमारी पार्टी की सक्रिय इकाइयां हैं। वहां सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। कई जगहों पर मैपिंग का काम हो चुका है, जबकि कुछ जगहों पर अभी बाकी है। हमारा प्रयास है कि इसका सही उपयोग सुनिश्चित हो। जैसा कि आप जानते हैं, बंगाल में 27 लाख नाम निर्णायक सूची में थे, जिनमें से 90 प्रतिशत मुस्लिम थे। 








 

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