अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को कहा टीसीएस मामले की आरोपी निदा खान से उनकी पार्टी को जोड़ना गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निदा खान अदालत में निर्दोष साबित होंगी।
एआईएमआईएम के खिलाफ गहन जांच की मांग
टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी निंदा खान को गुरुवार को नासिक पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया, जिसके बाद एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल पर उसे फरार रहने के दौरान शरण देने का मामला दर्ज किया गया। इन घटनाक्रमों ने सत्तारूढ़ महायुति पार्टी के नेताओं, जिनमें मंत्री संजय शिरसात और नितेश राणे शामिल हैं। उनकी ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं, जिन्होंने इस मामले में एआईएमआईएम के खिलाफ गहन जांच की मांग की है।
बुर्का या पैगंबर मोहम्मद पर लिखी किताब रखना गैरकानूनी?
मामले में शिकायतकर्ता को सत्ताधारी पार्टी का सदस्य बताते हुए कहा कि लोकसभा सांसद ने सवाल उठाया कि क्या बुर्का या पैगंबर मोहम्मद पर लिखी किताब रखना गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि यह हर मुस्लिम घर में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इससे पहले दिल्ली में पुलिस ने कुछ युवकों को आतंकवादी करार दिया था क्योंकि उनके घर से (महान कवि) मिर्जा गालिब की एक किताब मिली थी।
ओवैसी ने जोर देकर कहा कि यह मीडिया ट्रायल है और अगर मीडिया जज और जूरी की तरह काम करे तो यह खतरनाक है। इससे न्याय का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। हमें विश्वास है कि अदालत न्याय देगी और लड़की (निदा खान) निर्दोष साबित होगी। यह मामला अदालत में टिक नहीं पाएगा। उन्होंने आगे कहा, 'यह मुस्लिम समुदाय के शिक्षित लोगों को परेशान करने के इरादे से किया जा रहा है। ये आरोप घृणा से प्रेरित हैं। न्यायपालिका अपनी भूमिका निभाएगी। लेकिन किसी एक पक्ष को इस मामले से जोड़ना पूरी तरह गलत है।'
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