महाराष्ट्र के शिवसेना मंत्री संजय शिरसाट ने टीसीएस मामले को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) नेता इम्तियाज जलील पर फिर से निशाना साधा है। संजय शिरसाट ने एआईएमआईएम नेता पर आरोप लगाया कि जलील ने अपनी पार्टी के एक कॉर्पोरेटर पर टीसीएस यौन उत्पीड़न और धार्मिक जबरदस्ती के मामले की आरोपी निदा खान को पनाह देने के लिए दबाव डाला था।
शिवसेना नेता और छत्रपति संभाजीनगर के पालक मंत्री संजय शिरसाट ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मांग की है कि निदा खान और उनके परिवार के सदस्यों को पनाह देने वालों की भी विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा जांच की जानी चाहिए।
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निदा खान को एआईएमआईएम पार्षद ने दी थी पनाह
नासिक में टीसीएस यूनिट में कुछ महिला सहकर्मियों के साथ कथित धार्मिक जबरदस्ती और यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में आरोपी निदा खान को कई हफ्तों तक छिपने के बाद गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर के एक घर से पकड़ा गया था। पुलिस के अनुसार, एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल पर कथित तौर पर खान और उनके परिवार को शहर में पनाह देने का आरोप है।
शिरसाट ने लगाए क्या आरोप?
शिरसाट ने कहा, "टीसीएम मामले में सामने आ रहीं जानकारियां चौंकाने वाली हैं। निदा खान पहले मुंबई के मुंब्रा गई थीं और बाद में इम्तियाज जलील ने नासिक में उनसे मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने उसका समर्थन करते हुए एक बयान दिया। वह छत्रपति संभाजीनगर आईं और यहां एक महीने से अधिक समय तक रहीं, और जिस घर में वह ठहरी थीं वह एक एआईएमआईएम पार्षद का है।" उन्होंने यह भी कहा कि पार्षद निदा खान के ठहरने की जानकारी से खुद को अनजान नहीं जता सकते।
इम्तियाज जलील ने बनाया निदा को पनाह देने का दबाव
मंत्री ने आरोप लगाया, "इम्तियाज जलील ने निदा खान की मदद करने के लिए पार्षद पर दबाव डाला।" शिरसाट ने आगे कहा कि टीसीएस मामला एक अलग घटना थी, और महाराष्ट्र में कई निदा खानें हैं।
एसआईटी से जांच कराने पर दिया जोर
नासिक पुलिस का विशेष जांच दल आईटी कंपनी की नासिक यूनिट में उत्पीड़न और छेड़छाड़ के नौ मामलों की जांच कर रहा है। टीसीएस यूनिट में महिला कर्मचारियों के शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, उत्पीड़न और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के सामने आने के बाद नौ प्राथमिकियां दर्ज कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर भी शामिल है।
निदा खान पर लगे क्या आरोप?
प्राथमिकी के अनुसार, निदा खान पर एक व्हाट्सएप ग्रुप में कर्मचारियों को निशाना बनाने, उन्हें प्रार्थना करने और मांसाहारी भोजन खाने के लिए दबाव डालने का आरोप है। उन्होंने कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह भी दी थी।
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मुख्यमंत्री से की गई कार्रवाई की मांग
शिरसाट ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि निदा खान की मदद करने वालों को भी एसआईटी की जांच के दायरे में लाया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के कार्यकर्ता एआईएमआईएम का हिस्सा बन गए हैं।
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