भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वह 30 मई को कार्यकाल पूरा कर रहे जनरल अनिल चौहान की जगह लेंगे। रक्षा मामलों, खासकर पाकिस्तान और चीन से जुड़े रणनीतिक मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है।
लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि का जन्म एक सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार में हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से प्रशिक्षण हासिल किया। 14 दिसंबर 1985 को उन्हें गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन मिला।
करीब चार दशक के सैन्य करियर में उन्होंने देश के कई संवेदनशील इलाकों में अहम जिम्मेदारियां संभालीं। असम में ऑपरेशन राइनो के तहत आतंकवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया। जम्मू-कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड और मध्य सेक्टर में 17 माउंटेन डिवीजन की कमान भी संभाली।
लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक उप सेना प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) रहे। इससे पहले वह सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं। फिलहाल वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के तौर पर कार्यरत हैं।
उन्होंने कजाखस्तान में डिफेंस अटैची, सैन्य खुफिया विभाग में डिप्टी डायरेक्टर जनरल और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन में चीफ इंस्ट्रक्टर जैसी अहम जिम्मेदारियां भी निभाईं।
लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि ने ब्रिटेन के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और नई दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से उच्च सैन्य शिक्षा हासिल की है। उनके पास किंग्स कॉलेज लंदन से मास्टर डिग्री और मद्रास यूनिवर्सिटी से डिफेंस स्टडीज में एमफिल की डिग्री भी है।
नए CDS के तौर पर उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी भारतीय सेना के थिएटराइजेशन मॉडल को लागू करना होगी। इसका मकसद थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल बनाकर संयुक्त सैन्य कमांड तैयार करना है। देश के लिए उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM), सेना मेडल (SM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है।