फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टाटा ने अपनाया नया वर्क कल्चर, अब न कोई बॉस और न होगी 'बॉसगिरी' 

Sat, 10 Jun 2017 10:18 PM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली 
विज्ञापन
विज्ञापन
एक अभूतपूर्व फैसले में देश की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों में से एक टाटा मोटर्स ने अपने सभी कर्मचारियों के पदनाम को खत्म करने का एलान किया है। इससे साफ है कि टाटा मोटर्स में अब कोई बॉस नहीं होगा। ऐसा कंपनी के अंदर रचनात्मक माहौल पैदा करने और टीम वर्क को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। कंपनी का कहना है कि इससे समानता को बढ़ावा मिलेगा। 
विज्ञापन


बुधवार को अपने कर्मचारियों के लिए जारी एक सर्कुलर में टाटा मोटर्स ने कहा है कि कंपनी में शीर्ष स्तर पर कुछ गिने चुने अधिकारियों को छोड़ बाकी कर्मचारियों के पदनाम खत्म किए जाएंगे। यह निर्णय कंपनी में बॉस संस्कृति से मुक्त माहौल बनाने के लिए किया गया है।

इस पहल के तहत कर्मचारियों की अपनी टीम को लीड करने वाले एल-1 से एल-5 कैटेगरी के बीच के सभी मैनेजर्स को टीम हेड के साथ उनके विभाग के नाम से संबोधित किया जाएगा। यानी मैनेजर्स अब टीम हेड माने जाएंगे। इसी तरह अन्य कर्मचारियों को व्यक्तिगत सहयोगी (आईसी-4 से आईसी-6) के तौर पर ही जाना जाएगा। बस वह अपने नाम के आगे अपने विभाग का नाम लगाएंगे।
विज्ञापन



 
विज्ञापन

कई कंपनियों उठा चुकी हैं ऐसे कदम

रतन टाटा
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इससे टाटा मोटर्स के 10,000 कर्मचारियों पर असर होगा और नए सिस्टम से टीम के सभी मैनेजर्स को हेड का दर्जा मिलेगा।

इन पदों को किया खत्म
कंपनी ने जिन पदों को खत्म करने का फैसला किया है, उनमें जनरल मैनेजर, सीनियर जनरल मैनेजर, डिप्टी जीएम, वाइस प्रेसिडेंट, सीनियर वाइस प्रेजिडेंट जैसे पद भी शामिल भी हैं। हालांकि प्रबंध निदेशक, सीईओ और नेतृत्व टीम के अन्य सदस्यों समेत कार्यकारी समिति के लोग अपने पदनाम का इस्तेमाल जारी रखेंगे।


टाटा मोटर्स ही नहीं, बीते कुछ वर्षों में कई ऐसी कंपनियां हैं, जिन्होंने वरिष्ठता क्रम को 14 स्तरों के बजाय 5 स्तरों तक ही सीमित कर दिया है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें