तमिलनाडु के कुन्नूर में गुरुवार दोपहर 12:08 बजे हादसा होने के बाद लोगों को अफवाहों से बचाने के लिए भारतीय वायुसेना के ट्विटर हैंडल से जानकारी दी जाने लगी। शुरुआत में दो लोगों की मौत की जानकारी दी गई, लेकिन सीडीएस जनरल रावत के सकुशल होने के बारे में बताया गया। कुछ देर बाद मृतकों की संख्या चार पहुंचने की सूचना सामने आई। इसके अलावा सीडीएस रावत का अस्पताल में इलाज होने की जानकारी दी गई। शाम करीब चार बजे हेलीकॉप्टर में सवार 14 लोगों में से 13 का निधन होने की सूचना आई तो पूरा देश सीडीएस रावत के लिए प्रार्थना करने में जुट गया, लेकिन शाम छह बजे भारतीय वायु सेना के एक ट्वीट ने देश के करोड़ों लोगों को मायूस कर दिया। इसके बताया गया कि हेलीकॉप्टर क्रैश में सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 जवान शहीद हो गए।

सीडीएस रावत और 11 जांबाजों की शहादत की खबर मिलते ही लोगों की आंखों में आंसू आ गए। कुछ देर तक तो उन्हें समझ ही नहीं आया कि वह क्या कहें। सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। हर किसी को देश के पहले सीडीएस के असमय चले जाने का दुख था।
आदर्श दीप नाम के एक यूजर ने लिखा, 'लीजेंड्स कभी नहीं मरते। हमें आप पर गर्व है प्रिय जनरल रावत सर।' कुछ लोगों ने यहां तक कहा कि सीडीएस जनरल बिपिन रावत हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत और रोल मॉडल थे। वहीं, कुछ लोग इतने भावुक हो गए कि उनकी जुबां से सिर्फ इतना ही निकला...हमारे अपने चले गए...

सोशल मीडिया पर सीडीएस रावत को श्रद्धांजलि देने वालों का कारवां लगातार जारी है। लोगों ने सीडीएस रावत के जाने को देश की सबसे बड़ी क्षति और हादसे के दिन को देश के लिए सबसे दुखद दिन बताया। कुछ लोगों ने हेलीकॉप्टर की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए। मयंक कोनयाक नाम के यूजर ने लिखा कि देश ने 1947 से अब तक अपने सबसे बेहतरीन आर्मी जनरल में से एक और पहले सीडीएस जनरल रावत को खो दिया। यह बेहद दुखद हादसा है। देश उन्हें कभी नहीं भुला पाएगा।
