तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन का बुधवार को तमिलनाडु के माकपा सांसद सु वेंकटेशन के साथ ट्विटर पर जोरदार बहस देखने को मिली। दरअसल, वेंकटेशन ने राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति की आलोचना की थी।
इससे पहले सोमवार को सुंदरराजन ने दावा किया कि तमिलनाडु के लोग राज्य से कुछ उम्मीदवारों को चुनने में विफल रहे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें राज्यपाल नियुक्त किया। हाल ही में सुंदरराजन, एल गणेशन और सीपी राधाकृष्णन को केंद्र ने विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया था।
लोकसभा सांसद वेंकटेशन ने उनकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि क्या उनका मतलब राजभवन के ट्यूटोरियल से है, जहां परीक्षा में असफल होने वाले लोग पढ़ते हैं? उन्होंने ट्विटर पर पूछा कि अगर प्रधानमंत्री ने (असफल होने वालों को) पदोन्नत किया है, तो क्या यह फर्जी प्रमाणपत्र नहीं माना जाएगा?
वेंकटेशन के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुंदरराज ने कहा कि इसमें बुरा महसूस करने की कोई बात नहीं है, क्योंकि यह सीखने की एक पवित्र जगह भी है। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक के साथ पार्टी के गठबंधन पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि केवल चुनावी जीत ही किसी चीज की मान्यता नहीं होती है।
वेंकटेशन की आलोचना के जवाब में राज्यपाल तमिलिसाई ने कहा, अहंकार नहीं होना चाहिए। जो लोग कल जीते थे, वे कल हार सकते हैं। जो पहले हार गए थे, वे कल जीत सकते हैं। राज्यपाल बनने के लिए कुछ 'योग्यताओं' की जरूरत होने की बात कहते हुए सुंदरराजन ने वेंकटेशन से कहा, 'आपको वो नहीं दिखेंगी।'
सुंदरराजन के हमले का जवाब देते हुए वेंकटेशन ने कहा कि उन्होंने ट्यूटोरियल को कमतर नहीं आंका। उन्होंने कहा, 'अहंकार तो यह है कि राजभवन में हम बैठेंगे, भले ही लोग हमें असफल कर दें, क्योंकि प्रधानमंत्री हमें प्रमोट करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वह (सुंदरराजन) ठीक से जवाब नहीं दे रही हैं। उन्होंने सुंदरराजन से पूछा कि क्या उन्हें राजभवन से ट्रेनिंग नहीं मिली है।