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Senthil Balaji: पूर्व मंत्री की न्यायिक हिरासत छह नवंबर तक बढ़ी, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने कसा है शिकंजा

Fri, 20 Oct 2023 05:40 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

तमिलनाडु की एक सत्र अदालत ने पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने बालाजी की न्यायिक हिरासत 6 नवंबर तक बढ़ा दी है।
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V Senthil Balaji - फोटो : Social Media
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विस्तार
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तमिलनाडु सरकार में पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी धन शोधन मामले में गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। लंबे समय से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में कैद पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को राहत नहीं मिली है। राज्य की एक सत्र अदालत ने शुक्रवार को मंत्री वी सेंथिल बालाजी की रिमांड छह नवंबर तक बढ़ा दी। बालाजी की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई।
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छह नवंबर तक बढ़ाई गई न्यायिक हिरासत
प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को प्रधान सत्र न्यायाधीश एस अल्ली की अदालत में पेश किया। बालाजी पुझल सेंट्रल जेल में बंद हैं। अभियोजन पक्ष ने उन्हें वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया। जमानत देने से इनकार करते हुए अदालत ने बालाजी की न्यायिक हिरासत छह नवंबर तक बढ़ा दी।

बालाजी की बाईपास सर्जरी, पुझल जेल में बंद हैं पूर्व मंत्री
गौरतलब है कि बालाजी को 14 जून को नकदी के बदले नौकरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। कथित घोटाला उस समय हुआ जब बालाजी पिछली अन्नाद्रमुक सरकार के दौरान परिवहन मंत्री थे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण गिरफ्तारी के फौरन बाद, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बालाजी की बाईपास सर्जरी के बाद ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में ले लिया। सेहत के आधार पर ईडी ने बालाजी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पिछले चार महीने से बालाजी पुझल जेल में बंद हैं। कोर्ट समय-समय पर रिमांड बढ़ा रही है।
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अदालत का राहत देने से इनकार, कई बार खारिज हुई जमानत याचिका
खबरों के अनुसार, ईडी ने शिकंजा करने का प्रयास करते हुए गत 12 अगस्त को बालाजी के खिलाफ 3,000 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। कानूनी शिकंजे से राहत की अपील करते हुए बालाजी ने मद्रास उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया था। हालांकि, 19 अक्टूबर को बालाजी की तरफ से दायर जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। दो बार प्रधान सत्र न्यायालय में भी बालाजी कीजमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
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