डीजीपी ने बताया कि भगवान कृष्ण, देवी पार्वती, दो बुद्ध की मूर्तियां, बैठने की स्थित में देवी पार्वती, तारा और एक अन्य देवी की कांस्य मूर्ति जब्त की गई हैं।
तमिलनाडु पुलिस की आइडल विंग सीआईडी ने शुक्रवार को दावा किया है कि उसने यहां एक घर से चोल-काल की सात कांस्य मूर्तियों के अलावा दो उत्कृष्ट तंजावुर कलाकृतियों को जब्त किया है जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में है।
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पुलिस ने बताया कि इन मूर्तियों को मंदिर से चुराया गया था और एक व्यक्ति को बेच दिया गया था। आइडल विंग सीआईडी के डीजीपी के.जयंत मुरली ने बताया कि इन मूर्तियों और कलाकृतियों को इसलिए जब्त किया गया क्योंकि उनके (मालिक) पास मूर्तियों को अपने पास रखने के जरूरी कानूनी दस्तावेज नहीं थे। वह यह बता पाए कि उनके पास ये मूर्तियां कहां से आईं हैं।
एएसआई के समक्ष पेश की जाएंगी मूर्तियां
डीजीपी ने बताया कि आइडल विंग सीआईडी ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है। मुरली ने बताया कि भगवान कृष्ण, देवी पार्वती, दो बुद्ध की मूर्तियां, बैठने की स्थित में देवी पार्वती, तारा और एक अन्य देवी की कांस्य मूर्ति जब्त की गई हैं, इसके अलावा इसमें कांच के फ्रेम में कृष्ण के साथ बालकृष्ण की कलाकृति और यशला कलाकृति शामिल हैं। इन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सामने पेश किया जाएगा।
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एचआर एंड सीई डिपार्टमेंट को भेजी जाएगी रिपोर्ट
उन्होंने बताया कि मंदिरों को मूर्तियों की पहचान करने और उन्हें आवंटित करने के लिए हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (एचआर एंड सीई) विभाग को एक रिपोर्ट भेजी जाएगी। डीजीपी के. जयंत मुरली और आईजीपी दिनाकरन ने सात प्राचीन मूर्तियों को जब्त करने के लिए मुथुराजा के डीएसपी और उनकी टीम की सराहना की और उन्हें पुरस्कृत भी किया।