दिल्ली के जंगपुरा स्थित मद्रासी कैंप में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बेघर हुए तमिल लोगों की मदद के लिए तमिलनाडु सरकार आगे आई है। सरकार ने कहा है कि वह मद्रासी कैंप में रहने वाले उन तमिल लोगों की मदद करेगी, जो घर वापस आना चाहते हैं। राज्य सरकार ने इन लोगों को सहायता देने के लिए कहा। साथ ही ऐसे मामलों में दिल्ली के तमिलनाडु हाउस और जिला कलेक्टर को समन्वय बनाकर काम करने के लिए कहा गया है।
दिल्ली के जंगपुरा स्थित मद्रासी कैंप में रविवार को अतिक्रमण हटाया गया। यह अभियान बारापुला नाले के आसपास के क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए अदालत के आदेशों के तहत चलाया गया। यहां से कुल 370 अतिक्रमण हटाए गए। मद्रासी कैंप में बड़ी संख्या में तमिलनाडु मूल के लोग रहते थे। अभियान के बाद उनको विस्थापित होना पड़ा।
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सरकार नौकरी दे
इस बीच एक तमिलनाडु के निवासी मणि ने बताया कि तमिलनाडु सरकार पहले से ही मद्रास में मौजूद लोगों को नौकरी दे। फिर हमें बुलाए। लोग वहां क्यों घूम रहे हैं? पहले उनको तमिलनाडु को संभालना चाहिए। फिर दिल्ली की ओर देखना चाहिए। अगर हमें वहां पहले नौकरी मिल गई होती तो हम तमिलनाडु से दिल्ली क्यों आते?
अतिक्रमण हटने पर नई दिल्ली व दक्षिण दिल्ली को मिलेगी जलभराव से निजात
बारापुला नाला काफी संकरा हो गया था, जिससे उसकी सफाई संभव नहीं हो रही थी और भारी बारिश के दौरान जलभराव होता था। अतिक्रमण हटने के बाद नई दिल्ली व दक्षिण दिल्ली को जलभराव से निजात मिल सकेगी। यहां झुग्गी बसी होने के कारण नाले की सफाई नहीं हो रही थी और नई दिल्ली व दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में हर मानसून में भारी जलभराव की समस्या उत्पन्न होती थी।
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यहां तक कि पिछले वर्षों में खान मार्केट, लोधी रोड और आसपास के सांसदों के आवासों तक में पानी भर गया था, जिससे उनका घरेलू सामान तक खराब हो गए था। यहां से अतिक्रमण हटने पर नाले की सफाई करने में दिक्कत नहीं होगी। यहां से अतिक्रमण हटने पर नाले की सफाई करने में दिक्कत नहीं होगी। नाले की सफाई को लेकर इस वर्ष की शुरुआत में राजधानी में सत्ता परिवर्तन होने के बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, संबंधित मंत्रियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ दो बार इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून से पहले हर हाल में इस नाले की सफाई पूरी की जाए।