पश्चिमी एशियाई में तनाव जारी है। इन देशों में काम करने वाले खास कर ईरान में तमिलनाडु के सैकड़ों मछुआरे युद्ध के कारण परिवहन और समुद्री गतिविधियों में बाधा आने से फंसे हुए हैं। तनाव बढ़ने के साथ ही राज्य के तटीय जिलों में रहने वाले परिवारों ने विदेशों में मछली पकड़ने वाले जहाजों और समुद्री संबंधित नौकरियों में कार्यरत अपने रिश्तेदारों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता व्यक्त की है।
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परिवारों ने ही चिंता जताई
अधिकारियों ने बताया कि हालांकि मछुआरों ने खुद सीधे तौर पर मदद के लिए गुहार नहीं लगाई है, लेकिन उनके परिवार वाले घर पर रहकर इस संघर्ष की खबरों के वैश्विक सुर्खियों में छाए रहने के कारण बेसब्री से जानकारी मांग रहे हैं। मत्स्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “अभी तक हमें मछुआरों से सीधे तौर पर मदद के लिए कोई गुहार नहीं मिली है। सिर्फ उनके परिवारों ने ही चिंता जताई है। राज्य सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव प्रयास कर रही है।”
बंदरगाहों और हवाई अड्डों बंद करने से स्थिति और भी जटिल