तमिलनाडु में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सियासत में गर्माहट बढ़ गई है। चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी सातवें आसमान पर है। ऐसे में अब द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद टीकेएस एलंगोवन के एक बयान से पूरे मामले में हलचल तेज कर दी है। एलंगोवन ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख विजय पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है।
सोमवार को एलंगोवन ने कहा कि विजय को यह दबाव सीबीआई के सामने पेशी के बाद झेलना पड़ रहा है। एलंगोवन ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार राजनीतिक फायदे के लिए जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है और विजय पर पाली बदलने के लिए दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी विजय को धमका रही है, यह बात लोगों को अच्छी तरह पता है।
फिल्म 'जना नायकन' को लेकर भी बोले एलंगोवन
इस दौरान उन्होंने विजय की फिल्म 'जना नायकन' का भी जिक्र किया। एलंगोवन ने कहा कि विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ को अभी तक सेंसर सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है और जानबूझकर इसमें देरी की जा रही है। मकसद सिर्फ इतना है कि विजय बीजेपी के साथ आ जाएं। उन्होंने भाजपा की तुलना 'वॉशिंग मशीन' से करते हुए कहा कि पहले आरोप लगाए जाते हैं और जब कोई नेता उनके साथ चला जाता है, तो आरोप हटा लिए जाते हैं।
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फिल्म ‘जना नायकन’ का क्या है मामला
बता दें कि एलंगोवन का बयान ऐसे समय आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। यह याचिका फिल्म के निर्माताओं ने दायर की थी, जिसमें मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी, जिसने फिल्म के सेंसर सर्टिफिकेट की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और एजी मसीह की बेंच ने कहा कि इस मामले का फैसला मद्रास हाईकोर्ट 20 जनवरी तक करे। यह फिल्म पोंगल पर 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी और इसे राजनीति में पूरी तरह आने से पहले विजय की आखिरी फिल्म बताया जा रहा है।
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सीबीआई के सामने पेश हुए थे विजय
इसी बीच, सोमवार को विजय दिल्ली में सीबीआई दफ्तर पहुंचे। यह पेशी करूर भगदड़ मामले से जुड़ी है, जिसमें सितंबर 2025 में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान 41 लोगों की मौत हो गई थी। विजय फिलहाल दिल्ली के ताज महल होटल में ठहरे हुए हैं। सीबीआई उनसे भगदड़ की वजह, आयोजन की व्यवस्था और 27 सितंबर 2025 की घटनाओं के क्रम को लेकर सवाल कर रही है। इससे पहले भी सीबीआई उनसे इस मामले में पूछताछ कर चुकी है।
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