तमिलनाडु में डॉक्टरों की लापरवाही की कीमत एक महिला को अपने नवजात जुड़वा बच्चों के साथ जान देकर चुकानी पड़ी। सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही का हैरान करने वाला यह मामला तुमकुरु में सामने आया है। जहां, एक बेसहारा गर्भवती महिला को तुमकुरु जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने भर्ती करने से कथित तौर पर इनकार कर दिया। जिसके बाद, गुरुवार यानी आज घर पर बच्चे को जन्म देते समय बहुत सारा खून बह जाने के कारण उसकी मौत हो गई। महिला के पड़ोसियों ने इस मामले में तुमकुरु जिला अस्पताल के डॉक्टरों पर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला
मृतका के पड़ोसियों ने बताया कि उसका नाम कस्तूरी था, जो कि यहां भारती नगर में एक दूसरी बेसहारा लड़की के साथ किराए के मकान में रह रही थी। वह गर्भवती थी और बुधवार शाम जब कस्तूरी को प्रसव पीड़ा हुई तो उसके कुछ पड़ोसियों ने प्रसव के लिए कुछ पैसे जुटाए और उसे एक ऑटोरिक्शा करके तुमकुरु जिला अस्पताल भेज दिया। जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया।
महिला के पड़ोसियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि , डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे भर्ती करने से इनकार करते हुए कहा कि उसके पास आधार कार्ड या 'मातृत्व कार्ड' नहीं है ऐसे में उसे भर्ती नहीं किया जा सकता। ड्यूटी डॉक्टर ने उससे कहा कि वह उसे बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में रेफर करते हुए एक पर्ची लिखेगी। इसके बाद पीड़ित महिला घर लौट आई। जहां, आज सुबह उसकी प्रसव पीड़ा तेज हो गई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद दूसरे बच्चे को जन्म देते समय ज्यादा रक्तस्राव के कारण उसकी मृत्यु हो गई। वहीं, दोनों बच्चों को भी नहीं बचाया जा सका।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने अपनाया कड़ा रुख
वहीं, अब इस घटना पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) डॉ मंजूनाथ डीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को निलंबित करने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि 'यह कर्तव्य की अवहेलना है। चूंकि मैं ड्यूटी डॉक्टर के निलंबन का आदेश नहीं दे सकता, इसलिए मैंने तुमकुरु जिले के उपायुक्त से इसकी सिफारिश की है। साथ ही इस पूरे मामले की विस्तृत जांच भी की जाएगी।'