बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान फेंगल पुडुचेरी के पास तट से टकराने के बाद शांत पड़ गया है। करीब 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तटों से टकराने के बाद फेंगल की रफ्तार धीरे-धीरे कमजोर पड़ गई। इसके प्रभाव से तमिलनाडु के साथ पुडुचेरी, कर्नाटक और दक्षिणी आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश शुरू हो गई है। इसके अलग-अलग क्षेत्रों में 3 दिसंबर तक जारी रहने की संभावना है। लेकिन कोई बहुत बड़ा नुकसान नहीं होने से तमिलनाडु और पुडुचेरी ने राहत की सांस ली है, क्योंकि तूफान से भारी नुकसान की आशंका जताई गई थी।
प्रबंधन मंत्री ने दी जानकारी
तमिलनाडु के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन ने बताया कि तूफान के तट से टकराने के बाद राज्य के किसी हिस्से में किसी बड़े नुकसान की रिपोर्ट नहीं आई है। रविवार सुबह तक विस्तृत जानकारी आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्राप्त सूचनाओं से जो संकेत मिला है उससे आशंका के मुताबिक कहीं बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो रही है, चेन्नई समेत कुछ इलाकों में पानी भर गया है, जिसे निकालने के लिए नगर निगम की तरफ से युद्ध स्तर पर प्रयास किया जा रहा है।
22,000 कर्मचारी काम पर
ग्रेटर चेन्नई नगर निगम ने बताया कि फेंगल के चलते भारी बारिश से विभिन्न इलाकों में हुए जलभराव से निपटने और हालात को पटरी पर लाने के लिए 22,000 से अधिक कर्मचारियों को काम पर लगाया है। इनमें इंजीनियर और सफाईकर्मी भी शामिल हैं। पानी को निकालने के लिए 25 से 100 एचपी क्षमता वाले 1600 से अधिक पंपो को भी लगाया गया है। शहर में 134 जगहों पर पानी भर गया है, जिनमें 22 सबवे भी हैं। नौ पेड़ भी गिरे हैं।
बिजली आपूर्ति बाधित
फेंगल के प्रभाव से चेन्नई के ज्यादातर इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिसे धीरे-धीरे बहाल कर दिया गया। उपमुख्यमंत्री उदयनिधि ने बताया कि 2.32 लाख से अधिक लोगों को खाना वितरित किया गया है। अन्ना कैंटीन में खाना मुफ्त कर दिया गया है। निचले इलाकों से निकालकर 200 लोगों को चेन्नई में आठ राहत शिविरों में रखा गया है। जिन 334 इलाकों में पानी भरा है, वहां से पानी निकालने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। भारी बारिश से 22 सबवे में भी पानी भर गया था, जिनमें से 6 को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया। जगह-जगह सड़कों पर 27 पेड़ उखड़कर गिर गए थे, जिन्हें हटा दिया गया है और रास्ता साफ हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री एमए सुब्रमण्यम ने बताताया कि चेन्नई, तिरुवलूर, चेंगलपेट, कांचीपुरम, विल्लुपुरम, कलाकुरुचि और कुड्डलोर जिले में 1 दिसंबर को 500 चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।
इन जिलों में होगी बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने फेंगल के प्रभाव से तमिलनाडु के कामेश्वरम, विरुंधमावडी, पुडुपल्ली, वेद्रप्पु, वनमादेवी, वल्लपल्लम, कल्लिमेडु, ईरावायल और चेम्बोडी जिलों में 3 दिसंबर तक भारी बारिश होने की संभावना जताई है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में नौसेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को लगाया गया है। बाढ़ संभावित इलाकों में एनडीआरएफ की सात टीमें तैनात की गई हैं। इमरजेंसी से निपटने के लिए टोल-फ्री नंबर 112 और 1077 जारी किए हैं।
पूरे पुडुचेरी में मूसलाधार बारिश
तूफान के प्रभाव से पूरे पुडुचेरी में भारी बारिश हो रही है। निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है। सरकार ने पहले ही 12 लाख लोगों को एसएमएस भेजकर सावधान रहने को कहा था। इमरजेंसी हेल्प लाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। राहत और बचाव कार्यों के साथ ही जलभराव और सड़कों पर यातायात बहाल करने के लिए 4000 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी बारिश
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के नेल्लोर, चित्तूर, विशाखापट्टनम और तिरुपति सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहां मूसलाधार बारिश हो रही है। 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। एक दिसंबर तक बारिश होने की संभावना है। इसको देखते हुए पहले ही एक दिसंबर तक समुद्र तटों को खाली करने का निर्देश दिया गया था। कर्नाटक के उडुपी, चिक्कमगलुरु, चित्रदुर्ग समेत 16 जिलों में बारिश हो रही है। इन जिलों में 1 से 3 दिसंबर तक बिजली भी गिर सकती है।