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Stalin: 'योगी आदित्यनाथ हमें नफरत पर भाषण देना चाहते हैं, ये तो कॉमेडी हो गई', स्टालिन का यूपी सीएम पर निशाना

Thu, 27 Mar 2025 10:38 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

हाल ही में एक इंटरव्यू में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने तमिलनाडु की सरकार पर भाषा के आधार पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया। अब तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने पलटवार किया है और कहा है कि ये भाषा की लड़ाई नहीं है बल्कि ये समानता और स्वाभिमान की लड़ाई है। 
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स्टालिन और योगी आदित्यनाथ - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के एक बयान पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उन पर हमला बोला है। दरअसल योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में परिसीमन और तीन भाषा नीति विवाद को लेकर तमिलनाडु की डीएमके सरकार पर वोटबैंक की राजनीति के लिए लोगों को भाषा के आधार पर बांटने के आरोप लगाए थे, जिसके जवाब में अब स्टालिन ने भी योगी आदित्यनाथ को घेरा है। 
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स्टालिन ने योगी आदित्यनाथ पर साधा निशाना
स्टालिन ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'तमिलनाडु की भाषा नीति और निष्पक्ष परिसीमन की मांग आज पूरे देश में गूंज रही है। भाजपा इससे परेशान है, जो उनके नेताओं के इंटरव्यू से पता चलता है। अब माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमें नफरत पर भाषण देना चाहते हैं? हमें बख्श दीजिए। ये तो राजनीतिक कॉमेडी हो गई।' इसके बाद स्टालिन ने योगी आदित्यनाथ के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि 'हम किसी भाषा का विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि हम थोपने और अंधराष्ट्रीयता का विरोध कर रहे हैं। यह वोट बैंक की राजनीति नहीं है बल्कि ये न्याय और स्वाभिमान की लड़ाई है।'

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योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा था
गौरतलब है कि हाल ही में न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने तमिलनाडु में भाषा नीति और परिसीमन के विरोध को लेकर बयान दिया। योगी आदित्यनाथ ने भाषा विवाद को छोटी राजनीतिक सोच करार दिया। उन्होंने कहा कि स्टालिन धर्म और भाषा के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उनका वोटबैंक खिसक रहा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाषा को लोगों को एकजुट करना चाहिए न कि बांटना चाहिए। उन्होंने लोगों को भी बांटने वाली राजनीति से सावधान रहने की सलाह दी। 
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भाषा नीति और परिसीमन को लेकर है विवाद
उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की डीएमके सरकार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तीन भाषा नीति का विरोध कर रही है। साथ ही डीएमके सरकार परिसीमन को जनसंख्या के आधार पर करने का भी विरोध कर रही है। हालांकि गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा है कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्य में जनसंख्या के आधार पर सीटें नहीं घटाई जाएंगी। हालांकि तमिलनाडु की सरकार लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। तमिलनाडु सीएम स्टालिन ने बीते दिनों अपने एक बयान में कहा था कि दक्षिणी राज्यों को जनसंख्या नियंत्रित करने के लिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि अगर परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ तो इससे दक्षिणी राज्यों में लोकसभा की सीटें घट जाएंगी और संसद में उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व घटेगा। 

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