पलानीस्वामी और अन्नामलाई (फाइल)
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दवाओं के कथित विवरण के संबंध में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के खिलाफ जमकर बयानबाजी हुई। अब इस मामले में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई है। अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई के खिलाफ चेन्नई की सत्र अदालत में अलग-अलग मानहानि की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। गुरुवार को दायर शिकायतों के आधार पर सरकारी वकील जी देवराजन ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और अन्नाद्रमुक महासचिव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 और 500 के तहत कार्रवाई करने और दोनों को दंडित करने की मांग की।
सरकारी वकील ने विपक्ष के नेता पर क्या आरोप लगाए
तमिलनाडु में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई और अन्नाद्रमुक महासचिव ईके पलानीस्वामी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराए जाने से जुड़ी खबर के मुताबिक देवराजन ने अपनी शिकायत में कहा, हाल ही में एक प्रेस वार्ता कर राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पलानीस्वामी ने स्टालिन के आचरण पर टिप्पणी की। इरादा मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 'ड्रग-मुक्त तमिलनाडु' की दिशा में कई कदम उठाए हैं। हालांकि, अपमानजनक बयान देते हुए पलानीस्वामी ने बदनाम करने की नीयत से ऐसा बयान दिया जो उन्हें (सीएम स्टालिन को) ड्रग तस्करों की सहायता से कथित तौर पर प्रतिबंधित सामग्री के वितरण से जोड़कर पेश करता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रतिष्ठा को भी उछाला गया
देवराजन ने सत्र अदालत को बताया कि मुख्यमंत्री स्टालिन ने एक सार्वजनिक सभा में 2022 में ही तमिलनाडु को नशीली दवाओं से मुक्त करने का आह्वान किया है। नीति नोट 2023 से स्पष्ट है कि कई उपाय किए गए। उन्होंने कहा कि आरोपियों के अपमानजनक बयान नैतिक शासन और सार्वजनिक विश्वास की बुनियाद पर भी हमले की तरह हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास करने वाले ऐसे बयान न्याय और अखंडता के सिद्धांतों को भी कमजोर करते हैं।
'सत्ता संभालने के बाद से ही विरोधियों के दमन का प्रयास कर रही सरकार'
उन्होंने कथित मानहानि वाले बयान के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई के खिलाफ अलग से इसी तरह की मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। इस पर अन्नाद्रमुक नेता और पूर्व मंत्री डी जयकुमार ने कहा कि सत्तारूढ़ सरकार डीएमके नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ बयान के लिए नियमित रूप से मामले दर्ज करा रही है। 2021 में सत्ता में आने के बाद से ही वे ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे निश्चित रूप से ऐसी अदालती कार्रवाई का सामना करेंगे, लोग सच्चाई जानते हैं।