विपक्ष के कई शीर्ष नेता आज यानी सोमवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के मंच पर दिल्ली में साथ दिखाई दिए। उन्होंने यहां सामाजिक न्याय को लेकर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया। स्टालिन के संगठन, ऑल इंडिया फेडरेशन फॉर सोशल जस्टिस का सामाजिक न्याय को लेकर यहां पहला राष्ट्रीय सम्मेलन है। सम्मेलन को विपक्ष के कई नेताओं ने संबोधित किया। स्टालिन सहित कई नेता वर्चुअल माध्यम से आयोजन में अपनी बात रखी।
विपक्षी एकता और जातीय जनगणना की पैरवी की
विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की पैरवी करते हुए कहा कि सामाजिक न्याय, पिछड़े और कमजोर वर्गों के विकास के लिए सबको साथ आना होगा। देश में जातीय जनगणना होनी चाहिए। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डेरेक ओब्रायन ने इस सम्मेलन में विपक्षी एकजुटता की पैरवी करते हुए कहा कि दो तीन राजनीतिक दल हैं, जो भाजपा से नहीं लडना चाहते हैं। मैं बीजू जनता दल के नवीन पटनायक और वाईएसआर कांग्रेस के जगनमोहन रेड्डी से आग्रह करूंगा कि आप साथ आइए, यह समय बिल्कुल स्पष्ट होने का है।
किसने-क्या कहा?
- नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने विपक्षी की एकजुटता की पैरवी की। उन्होंने कहा कि सभी को बेहतर जिंदगी उपलब्ध कराने के लिए सबको एकजुट होना है। जब तक हम एक नहीं होंगे और केंद्र में सरकार नहीं बनाएंगे, तब तक यह संभव नहीं है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सीताराम येचुरी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के साथ जो व्यवहार हो रहा है, उसे नहीं रोका गया, तो सामाजिक न्याय का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
- बिहार के उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि जब तक आरएसएस की विचाराधारा वालों को सत्ता से नहीं हटाया जाएगा, तब तक पिछड़ों को न्याय नहीं मिलेगा। इसके लिए सबको लड़ाई लड़ने की जरूरत है। अपने अपने अहम को दूर रखकर, एक होकर, लड़ने की जरूरत है।
- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आज शोषणकारी व्यवस्था की समाप्ति के लिए परस्पर विचार-विमर्श और संघर्ष की आवश्यकता है। समता, सम्पन्नता और सामाजिक न्याय की प्राप्ति के लिए सभी सशक्त शक्तियां संगठित हों।
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता छगन भुजबल ने कहा कि आने वाली जनगणना में जाति आधारित जनगणना भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एक बयान दिया, तो कह रहे हैं कि ओबीसी का अपमान हो गया, जबकि मोदी जाति नहीं है, मोदी एक उपनाम है।
कई दिग्गज नेता वर्चुअली शामिल हुए
2024 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकता के प्रदर्शन के रूप में देखे जाने वाले इस आयोजन में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव शामिल हुए। इसके अलावा कार्यक्रम मेें माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा महासचिव डी राजा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, छगन भुजबल सहित कई अन्य नेताओं ने भी भाग लिया। खास बात यह है कि तीन प्रमुख पार्टियां- टीएमसी, आप और बीआरएस जो पहले कांग्रेस के साथ मंच साझा करने के लिए तैयार नहीं थीं, वे भी सम्मेलन में अपने प्रतिनिधियों के जरिए शामिल हुईं। टीएमसी की तरफ से सांसद डेरेक ओ ब्रायन इस सम्मेलन में भाग लिया। इसी तरह 'आप' की तरफ से राज्यसभा सांसद संजय सिंह और बीआरएस की ओर से सांसद डॉ केशव राव ने सम्मेलन में शिरकत किया।