मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश के बाद, सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने तमिलनाडु में 5832 करोड़ रुपये के खनन घोटाले के सिलसिले में कई जगहों पर छापेमारी की। सीबीआई की टीम ने खनन कंपनी वीवी मिनरल्स के चेन्नई और तिरुनेलवेली परिसरों में घोटाले से जुड़े दस्तावेज खंगाले। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अलग-अलग टीमों ने शनिवार को तमिलनाडु में खनन कंपनी वीवी मिनरल्स के चेन्नई और तिरुनेलवेली परिसरों सहित कई स्थानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी तमिलनाडु में 5832 करोड़ रुपये के खनन घोटाले के सिलसिले में की गई। यह छापेमारी मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश के बाद की गई है। हाईकोर्ट ने इस साल फरवरी में सीबीआई जांच का आदेश दिया था।
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रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई की कई टीमों ने वीवी मिनरल्स के दक्षिणी तिरुनेलवेली और चेन्नई स्थित मुख्यालय के परिसरों में एक साथ छापेमारी की। छापेमारी में कंपनी के मालिक वैकुंठराजन के परिवार के सदस्यों से जुड़े स्थान भी शामिल रहे। कंपनी लंबे समय से दक्षिणी तटीय जिलों में रेत खनन में शामिल रही है।
मद्रास हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंपने का दिया था आदेश
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के तटीय जिलों तिरुनेलवेली, थूथुकुडी और कन्याकुमारी में 5,832 करोड़ रुपये के कथित अवैध रेत खनन घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था। कोर्ट ने सीबीआई को यह भी निर्देश दिया कि वह मामले में सरकारी अधिकारियों की भूमिका और कथित राजनीतिक सांठगांठ की भी जांच करे।
सीबीआई को मिले कई आपत्तिजनक दस्तावेज
सूत्रों की मानें तो सीबीआई की छापामार कार्रवाई करीब 12 से 14 घंटे तक चली। शनिवार देर शाम छापेमारी की कार्रवाई तिरुनेलवेली में समाप्त हुई। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें टीम अपने साथ ले गई।