जेम्स मुबीन के घर से बरामद की गई एक लकड़ी की पट्टी पर लिखा गया था- अल्लाहुद्दीन इल्लाथिनमीधु काइ वैथल वीररुप्पम। जिसका हिंदी अर्थ होता है- अल्लाह के घर को छूने वाले को उखाड़ फेंका जाएगा।
तमिलनाडु के कोयंबटूब शहर में बीते महीने कार में विस्फोट हुआ था। इसमें एक शख्स जेम्स मुबीन की मौत हो गई थी। इस बीच, पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी है कि मुबीन के घर से बरामद सामग्री में कट्टरता के संकेत मिले हैं, जिनमें आईएसआईएस से जुड़े प्रतीक और लोगों के वर्गीकरण का संकेत देने वाले हाथ से लिए हुए नोट शामिल हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मामले की जांच कर रही है।
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कोयंबटूर कार विस्फोट मामले की जांच अभी राष्ट्रीय जांच एजेंसी कर रही है। इससे पहले शहर की पुलिस ने घटना के संबंध में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
जेम्स मुबीन के घर से बरामद की गई एक लकड़ी की पट्टी पर लिखा गया था- "अल्लाहुद्दीन इल्लाथिनमीधु काइ वैथल वीररुप्पम"। जिसका हिंदी अर्थ होता है- "अल्लाह के घर को छूने वाले को उखाड़ फेंका जाएगा।"
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कोयंबटूर पुलिस शुरू में मामले की जांच शुरू की थी। उसने मुबीन के घर से हाथ से लिखे हुए नोट व अन्य दस्तावेज बरामद किए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुबीन के घर से आतंकी संगठन आईएसआईएस के झंडे का चित्र मिला है। इसके अलावा हाथ से लिखे नोट्स में जिहाद के बारे में लिखा गया है। इसके अलावा मानव जाति को मुसलमान और काफिर के रूप में विभाजित किया गया है। यह कट्टरपंथ की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों को एक हस्तलिखित नोट मिला, जिसमें कहा गया था- "जिहाद युवाओं का कर्तव्य है, न कि बच्चों और बड़ों का।"
मामले को लेकर पुलिस ने कहा, "एनआईए प्रामाणिक दस्तावेजों के आधार पर जांच तेज कर सकती है। मुबीन से 2019 में भी एआईए ने पूछताछ की थी।"
दीपावली से एक दिन पहले 23 अक्तूबर को मुबीन जिस कार में यात्रा कर रहा था, उसमें गैस सिलिंडर फट गया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। यह घटना शहर के सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाके उक्कडम में कोट्टई ईश्वरन मंदिर के बाहर हुई थी।