डीएमके सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी की ईडी द्वारा गिरफ्तारी से राज्य की सियासत गरमा गई है। भाजपा भी डीएमके पर हमलावर हो गई है। बता दें कि सेंथिल बालाजी के खिलाफ कार्रवाई के बाद बुधवार को तमिलनाडु सरकार ने सीबीआई द्वारा जांच के लिए सामान्य सहमति वापस लेने का आदेश दिया था। स्टालिन सरकार ने कहा कि राज्य सरकार की अनुमति के बाद ही सीबीआई राज्य में जांच कर पाएगी। इसे लेकर भाजपा ने सीएम स्टालिन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाजपा ने सीएम स्टालिन पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'अप्रैल में तमिलनाडु भाजपा ने आरोप लगाया था कि एक मेट्रो कॉन्ट्रैक्ट के बदले सीएम स्टालिन को 200 करोड़ रुपये मिले थे। अब लग रहा है कि तमिलनाडु सीएम को लगता है कि सीबीआई उनका दरवाजा भी खटखटा सकती है। यही वजह है कि तमिलनाडु में बिना राज्य सरकार की सहमति के सीबीआई जांच पर रोक लगा दी गई है।'
अन्नामलाई ने डीएमके की आलोचना की, कहा- यह बहुत शर्मनाक
तमिलनाडु में मामलों की जांच के लिए सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस लेने के लिए द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ कड़ी आलोचना करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने गुरुवार को आरोप लगाया कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि मुख्यमंत्री स्टालिन सीबीआई की जांच से डर रहे हैं।
मीडिया से बात करते हुए अन्नामलाई ने कहा, यह बहुत शर्मनाक है क्योंकि भाजपा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ चेन्नई मेट्रो में घोटाले के लिए सीबीआई को शिकायत दी थी। हमने तत्कालीन डिप्टी सीएम के रूप में चेन्नई मेट्रो में ठेका देने के लिए सीएम स्टालिन पर एक कंपनी से 200 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया है। तमिलनाडु के सीएम पूरी तरह से जानते हैं कि अगर सीबीआई प्रारंभिक जांच दर्ज करती है तो वह कटघरे में होंगे। इसीलिए बचाव मोड में उन्होंने सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली। अन्नामलाई ने पूछा कि अगर आपको डर नहीं है तो सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस लेने का क्या कारण है?
मानहानी मामले पर अन्नामलाई ने दिया यह जवाब
डीएमके नेता टीआर बालू द्वारा मानहानि के एक मामले में समन पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और राज्य में अब से पार्टी की गति दोगुनी होगी।उन्होंने कहा, चेन्नई मेट्रोपॉलिटन कोर्ट में मेरे खिलाफ मानहानि के मामले में टीआर बालू द्वारा दी गई शिकायत में मुझे 14 जुलाई को तलब किया गया है। मैं अदालत जाने के लिए उत्सुक हूं। मुझे न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है। यह मानहानि का मुकदमा अर्थहीन है। अन्नामलाई ने कहा, अगर डीएमके का मानना है कि वे इस तरह के मानहानि के मामले का इस्तेमाल करके मेरी आवाज दबा सकते हैं, तो मेरी और हमारे राज्य में भाजपा की गति अब से दोगुनी हो जाएगी।
सेंथिल बालाजी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
वहीं, ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद सेंथिल बालाजी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ईडी ने कोर्ट को बताया कि सेंथिल बालाजी जांच के दौरान सहयोग नहीं कर रहे हैं और ईडी के अधिकारियों पर चिल्ला भी रहे हैं। बालाजी पर आरोप है कि जब वह एआईएडीएमके सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री थे तो उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में 1.60 करोड़ रुपये जमा हुए थे। ईडी ने बताया कि सेंथिल उनके बैंक खातों में जमा हुई रकम के स्रोत का कोई सबूत नहीं दे सके हैं।
ईडी ने गिरफ्तारी के बाद घसीटा सिर में लगी थी चोट : सेंथिल
तमिलनाडु राज्य मानवाधिकार आयोग (टीएनएसएचआरसी) के सदस्य वी कन्नदासन ने नौकरी के बदले नकदी मामले में गिरफ्तार राज्य के मंत्री वी सेंथिल बालाजी से बृहस्पतिवार को अस्पताल में मुलाकात की। सेंथिल ने उन्हें बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने गिरफ्तार करने से पहले उनके साथ बुरा व्यवहार किया। उन्हें घसीटा गया, जिससे उनके सिर में चोट आई। कन्नदासन ने कहा, सेंथिल को लगी चोटों के बारे में डॉक्टर ही पुष्टि करेंगे। टीएनएसएचआरसी इस मामले को देखेगी।
- विपक्षी दल अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक आईएस इनबदुरई ने कन्नदासन के बालाजी से मिलने के लिए सरकारी अस्पताल में जाने पर आपत्ति जताते हुए दावा किया कि कन्नदासन अतीत में हुई टीवी बहसों में सत्तारूढ़ द्रमुक का पक्ष लेते आए हैं। वह इस मामले में जो भी रिपोर्ट पेश करेंगे, वह फर्जी होगी।
- वहीं, मद्रास हाईकोर्ट ने सेंथिल बालाजी को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी। हालांकि, उनके न्यायिक हिरासत में होने के कारण जमानत नहीं दी।