श्रीलंका की नौसेना ने एक बार फिर भारतीय नाव को पकड़ लिया है। इस दौरान आठ चालक दल के सदस्यों को भी पकड़ा गया है। रामेश्वरम मत्स्य पालन के सहायक निदेशक ने बताया कि कल रामेश्वरम से 430 मशीनी नावें मछली पकड़ने के लिए समुद्र में उतरीं। इनमें से एक नाव को आठ चालक दल के सदस्यों सहित श्रीलंकाई नौसेना ने पकड़ लिया। इस साल श्रीलंका 341 भारतीयों को गिरफ्तार कर चुका है। वहीं, 45 से ज्यादा ट्रॉलर्स की जब्ती भी की गई है।
मामले में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मंगलवार को केंद्र को बताया कि राज्य के आठ और मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने पकड़ लिया है। उन्होंने ऐसी गिरफ्तारियों पर चिंता व्यक्त की। यह एक सप्ताह के अंदर यह दूसरी ऐसी घटना है। इससे पहले 23 अगस्त को श्रीलंकाई नौसेना ने कथित समुद्री सीमा उल्लंघन के लिए 11 भारतीय मछुआरों को पकड़ा था।
स्टालिन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक पत्र में बताया कि ताजा घटना में रामेश्वरम से रवाना हुए आठ मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी नाव भी जब्त कर ली गई है। फिलहाल 116 मछुआरे और 184 नावें श्रीलंकाई हिरासत में हैं भारतीय मछुआरों के सामने आजीविका की समस्याएं और भी बढ़ गई हैं। उनकी आजीविका इन जल क्षेत्रों पर निर्भर करती है। उन्होंने जयशंकर से आग्रह किया कि वे श्रीलंका की हिरासत में मौजूद सभी भारतीय नौकाओं और मछुआरों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में तेजी लाएं।
इससे पहले 24 अगस्त को खबर आई थी कि श्रीलंका की नौसेना ने भारत के 11 मछुआरों को फिर गिरफ्तार कर लिया है। नौसेना की आधिकारिक रिलीज के मुताबिक, इन लोगों को मछली पकड़ने के लिए समुद्री सीमा पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इसी के साथ इस साल श्रीलंका अब तक 333 भारतीयों को समुद्री सीमा पार कर मछली पकड़ने के आरोप में गिरफ्तार कर चुका है।
बताया गया कि इन मछुआरों के ट्रॉलर को श्रीलंका के उत्तरी प्रांत में जाफना के करीब पॉइंट ऑफ पेड्रो के करीब मछली पकड़ने के दौरान गिरफ्तार किया गया। जिन लोगों को पकड़ा गया, उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए कांकेसंथुराई फिशिंग हार्बर लाया गया। इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक बार फिर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को चिट्ठी लिखकर 11 मछुआरों की गिरफ्तारी के मामले में दखल देने की मांग की थी।
स्टालिन ने इसमें कहा था, 'मैं तमिलनाडु के मछुआरों को पकड़े जाने की एक और घटना पर गंभीर चिंता के साथ आपको पत्र लिख रहा हूं। मछुआरों को नागपट्टिनम जिले के कोडियाकराई के दक्षिण-पूर्व में मछली पकड़ते समय गिरफ्तार किया गया। मैंने इस बात पर जोर दिया है कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जो चिंता पैदा करती हैं। अकेले 2024 में श्रीलंकाई नौसेना ने कठोर कार्रवाई की है। तमिलनाडु में मछुआरों को इसके चलते भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका जीवनयापन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।'