भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का अगला दौर 20 अप्रैल से शुरू होगा। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर का मामला उठा सकते हैं। चीन ने मसूद को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कराने की भारत की कोशिशों में अड़ंगा लगा दिया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार दोनों देशों के बीच दो दिनी वार्ता बीजिंग में होगी। यह दोनों पड़ोसी देशों के बीच इस तरह का 19वां संवाद होगा। इसमें सीमा और कूटनीतिक मसलों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। माना जा रहा है कि भारत और चीन सीमा पर वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने के साथ वहां शांति कायम करने के उपायों पर बात कर सकते हैं। चीन के साथ संबंधों के सवाल पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने बस इतना कहा कि सरकार आगे बढ़ना चाहती है।
यह बातचीत ऐसे समय होगी, जब चीन पाकिस्तानी आतंकवादी मसूद के बचाव में उतर आया है। वार्ता में यह मसला भी उठ सकता है। भारतीय दल में अजीत डोभाल भी शामिल होंगे। वह भारत-चीन सीमा वार्ता के विशेष प्रतिनिधि हैं। डोभाल अपने चीनी समकक्ष यांग यीची से भेंट करेंगे। वह चीनी प्रधानमंत्री ली केचियांग से भी मिल सकते हैं।
पहले यह बातचीत जनवरी में होनी थी लेकिन पठानकोट आतंकी हमले के कारण इसे टालना पड़ा। पिछली बार इस तरह की वार्ता पिछले साल मार्च में हुई थी।