हथियार डालने की अपील
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को उल्फा-आई समेत अन्य चरमपंथी संगठनों से हथियार डालने की अपील की है। सरमा ने कहा, मैं चरमपंथी संगठनों से हथियार डालने और विकास में सहयोग की अपील करता हूं।
पूरी तरह हटना चाहिए अफ्स्पा : इरोम
अफ्स्पा के विरोध में 16 साल तक भूख हड़ताल पर बैठने वाली सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने पूर्वोत्तर के कई इलाकों से अफस्पा हटाने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने जोर देकर कहा, सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (अफ्स्पा) पूरी तरह हटना बहुत जरूरी है।
मणिपुर की लौह महिला के रूप में मशहूर शर्मिला हमेशा से अफ्स्पा को दमनकारी कानून बताया है। उनका मानना है कि यह कानून कभी भी विद्रोह का समाधान नहीं रहा। इरोम ने कहा, भारत एक लोकतांत्रिक देश है, आखिर कितने लंबे समय तक हम इस औपनिवेशिक कानून को ढोते रहेंगे और कब तक लोग इसके जख्म बर्दाश्त करेंगे।
मणिपुर के हालात इतने भी बुरे नहीं
शर्मिला ने कहा, मणिपुर में कानून व्यवस्था के हालात इतने भी बुरे नहीं है जो अफ्स्पा को बरकरार रखा जाए। सिर्फ नौकरशाह और राजनेता इस कानून की आड़ में अपने हित पूरे करते हैं। शर्मिला ने कहा, बल से लोगों का दिल नहीं जीता जाता। सरकार को चाहिए कि वह पूर्वोत्तर के लोगों के दिल से जुड़े। एक बार जब लोगों से रिश्ता जुड़ेगा चीजें अपने आप बेहतर हो जाएंगी।
विद्रोह से लड़ाई के नाम पर करोड़ों रुपये बर्बाद
शर्मिला ने कहा, विद्रोह से लड़ाई के नाम पर करोड़ों रुपये बर्बाद किए गए। इस रकम का इस्तेमाल अगर पूर्वोत्तर के विकास पर खर्च होता तो आज तस्वीर अलग होती। अफ्स्पा कानून ही विकास की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है।